देहरादून:उत्तराखंड आयुर्वेद विश्वविद्यालय में कार्यरत कर्मचारियों को दोबारा बहाल करने की मांग को लेकर उत्तराखंड क्रांति दल ने शुक्रवार को जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपा. यूकेडी का कहना है कि आयुर्वेद विश्वविद्यालय ने 40 कर्मचारियों को नियुक्त कर तीन साल तक उनकी सेवाएं लीं और फिर उन्हें अचानक बाहर का रास्ता दिखा दिया. नौजवानों का ऐसा शोषण बिलकुल भी बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. यूकेडी ने चेतावनी देते हुये कहा कि अगर सरकार उनकी मांगों पर सकारात्मक कार्रवाई नहीं करती तो उत्तराखंड के नौजवानों के हित में बड़ा आंदोलन किया जाएगा.
उत्तराखंड क्रांति दल ने आरोप लगाया है कि आयुर्वेद संकाय और चिकित्सालय को चलाने के लिए विश्वविद्यालय की एक एजेंसी धनवंतरी वेधशाला केरला से अनुबंध हुआ था. इसके तहत चिकित्सालय के कार्य को सुचारू रूप से चलाने के लिए कई कर्मचारियों को नियुक्त किया गया. लेकिन, विश्वविद्यालय में धनवंतरी वेधशाला एजेंसी ने 2016 से काम कर रहे कर्मचारियों को 28 मई 2018 को बाहर का रास्ता दिखा दिया. तब से सभी कर्मचारी सेवा बहाली के लिए आंदोलनरत हैं लेकिन, विश्वविद्यालय कर्मचारियों की अनदेखी कर रहा है, जिससे आंदोलनकारियों की परेशानी काफी बढ़ गई है.