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न पंडित, न बैंड बाजा, संविधान की शपथ लेकर जोड़े ने की नये जीवन की शुरुआत - शादी में नहीं हुआ प्लास्टिक का प्रयोग खरगोन

खरगोन जिले में एक जोड़े ने संविधान की शपथ लेकर नए जीवन की शुरुआत की. इस अनोखी शादी में शिरकत करने पहुंचे लोगों ने भी दूल्हा- दुल्हन के साथ शपथ ली.

खरगोन में संविधान साक्षी मानकर नंवदंपति ने की शादी , marriage on oath of constitution in Khargone
संविधान की शपथ लेकर जोड़े ने की नये जीवन की शुरुआत

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Published : Dec 10, 2019, 1:47 PM IST

खरगोन (मध्य प्रदेश): आपने शादियां तो कई देखी होंगी, लेकिन खरगोन में शनिवार को एक अनोखी शादी हुई. जहां न बैंड बाजा अगर कुछ था, तो वो था भारत का संविधान, जिसे साक्षी मानकर नव दंपति ने अपने नये जीवन की शुरुआत की. साथ ही इस शादी में पटाखे, सिंगल यूज प्लास्टिक और किसी भी प्रकार की फिजूलखर्ची नहीं की गई. नवदंपति ने इसे समाजहित में एक नया पहल बताया है.

दूल्हा बने वज्र कलमें ने बताया कि देश में संविधान को तोड़ने की कोशिश हो रही है. यही वजह है कि उन्होने संविधान की शपथ लेकर और संविधान के सम्मान के लिए इस तरह से शादी की है. इससे पहले वज्र समाज के लिए कई खास संदेश दे चुके हैं. उन्होंने अपने पिता की मृत्यु के बाद उनका देहदान किया, तो भाई और बहन की शादी में लेन-देन से दूरी बनाकर नई पहल की है.

जोड़े ने ली संविधान की शपथ.

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वज्र ने बताया कि किसी भी दिन व्यक्ति शादी कर सकता है, जरूरी नहीं है कि किसी पंडित से पूछा जाय. वज्र ने कहा कि, हम दोनों भाइयों ने बैठ कर संविधान की शपथ लेकर जीवन की शुरुआत करने के बारे में सोचा, तो तारीख के लिए किसी भी तरह पंडित से न पूछते हुए होने वाली पत्नी अंजली के जन्म तारीख को ही विवाह के लिए उपयुक्त समझा.


वहीं दुल्हन बनी अंजलि ने कहा कि मंत्रोंचार से हुई शादी कई बार टूट जाती है. तो जरुरी है कि दंपति के विचार मिलने चाहिये. हमने संविधान की शपथ लेकर शादी करने को सहर्ष स्वीकार किया था. एक दूसरे को समझ कर ही जीवन में आगे बढ़ा जा सकता है, जिसके लिए फेरों और मंत्र की जरुरत नहीं होती.

वहीं दूल्हे की बहन ने बताया कि आज कल महंगी शादियों में फिजूल खर्ची होती है. इसी को रोकने के लिए मेरे भाई ने संविधान की शपथ लेकर शादी करने का निर्णय लिया है. साथ ही पटाखों से और प्लास्टिक से पर्यावरण को नुकसान पहुंचता है. जिसके लिए हमने पटाखे डीजे और डिस्पोजल का भी उपयोग नहीं कर रहे हैं.

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