सोनभद्र:सोनभद्र जिला अस्पताल में शनिवार को प्रसव के दौरान महिला और बच्चे की मौत हो गई. इस दौरान जिला अस्पताल में मौजूद सीएमओ भी पीड़ितों को शव वाहन नहीं दिला सके. जिसके बाद परिजन निजी वाहन से दोनों के शव को लेकर घर गए.
सोनभद्र: जिला अस्पताल में प्रसव के बाद जच्चा-बच्चा की मौत, मचा कोहराम - प्रशव के बाद जच्चा-बच्चा की मौत
उत्तर प्रदेश के सोनभद्र जिले में स्थानीय प्रशासन और डॉक्टरों की लापरवाही से मौतों का सिलसिला रुकने का नाम नहीं ले रहा है. शनिवार को सोनभद्र जिले में प्रसव के दौरान एक जच्चा - बच्चा की मौत हो गई. जिसके बाद परिजन निजी वाहन से दोनों के शव को लेकर घर गए.
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बच्चे किया गया रेफर
शनिवार को नगवा ब्लाक के खलियारी के पड़रही गांव से सलमा 25 वर्ष प्रसव के लिए जिला अस्पताल आई. अस्पताल में इलाज के बाद बच्चा पैदा हुआ, लेकिन बच्चे की हालत गंभीर होते देख डाक्टरों ने प्राइवेट अस्पताल में दिखाने की सलाह दी. परिजन बच्चे को लेकर प्राइवेट अस्पताल में दिखाने चले गए. जब तक वह जिला अस्पताल लौटते मां की भी मृत्यु हो गई.
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मौत से मचा कोहराम
मां-बच्चे की मौत से परिजनों में कोहराम मच गया और चारों तरफ अफरा-तफरी का माहौल हो गया. जच्चा-बच्चा की मौत के बाद बदहाल परिजन जिला अस्पताल प्रशासन से शव वाहन की मांग किए. लेकिन जिला अस्पताल प्रशासन उनको शव वाहन भी देने से इनकार कर दिया. जिसके बाद परिजन निजी वाहन से जच्चा बच्चा के शव को घर लेकर आए.
जानें मृतका की मां तीजन ने क्या बताया
जच्चा और बच्चा दोनों जिला अस्पताल में सही हुए थे. बेटी ने पूछा कि बच्चा कैसा है, बातचीत की. इसके बाद डॉक्टरों ने कहा कि बच्चे का स्वास्थ्य थोड़ा खराब है. आप कहीं प्राइवेट अस्पताल में दिखा दीजिए, बच्चे को लेकर हम लोग प्राइवेट अस्पताल में चले गए, जब तक हम लोग वापस आए तब तक बेटी की मौत हो चुकी थी. इसके साथ ही बच्चे की भी मौत हो गई. अस्पताल प्रशासन से शव वाहन की मांग किया गया लेकिन वह भी नहीं मिला.
जिला अस्पताल के सीएमएस जिले से बाहर है और प्रभारी सीएमएस से बात नहीं हो पा रही है, इसलिए फिलहाल शव वाहन उपलब्ध कराना संभव नहीं है। इसके बाद परिजन निजी एंबुलेंस से ही शव को घर ले गए.-
-सत्यप्रकाश सिंह, सीएमओ