रामपुर: जिले में इत्तेहाद ए मिल्लत काउंसिल के अध्यक्ष मौलाना तौकीर रजा ने हाफिज साहब की मजार पर प्रेस वार्ता की. उसके बाद उन्होंने मजार के सज्जादा नशी फरहत अहमद जमाली का बचाव करते नजर आए. उसके साथ ही साथ उन्होंने जिला प्रशासन पर भी ब्लैकमेल करने का आरोप लगाया. हाफिज साहब के मजार के संचालक फरहत अहमद जमाली का एक ऑडियो वायरल हुआ है, जिसमें वह एक महिला से अश्लील बातें करते नजर आ रहे हैं. मौलाना ने जिला प्रशासन पर आरोप लगाया कि उन्होंने ब्लैकमेल करने के लिए दबाव बनाने के लिए यह ऑडियो वायरल किए या अपने किसी खास से इसे वायरल कराया है. इसी वायरल ऑडियो को लेकर मौलाना ने प्रेस वार्ता की.
प्रेस वार्ता के दौरान मौलाना तौकीर रजा ने कहा कि उलेमाओं की बेइज्जती, शान में गुस्ताखी जो काबिले मजम्मत है. आज वह इसीलिए यहां आए हैं और उन्हें यह महसूस हुआ है कि किसान आंदोलन में उलेमाओं का जाना जिला प्रशासन को बहुत तकलीफ दे हुआ है. उन्होंने कहा कि अगर किसान आंदोलन में जाना गुनाह है, जुर्म है तो जो लोग आंदोलन में बैठे हुए हैं, पहले आप उनको उठाइए वह बड़े मुजरिम है. जो उनकी हिमायत जो करने गए हैं वह छोटे मुजरिम हैं. तौकीर रजा ने कहा कि यहां के कप्तान साहब शायद फिल्में वगैरह ज्यादा देखते हैं, उसी से शायद प्रेरित होकर इन दोनों हजरात को अकेले में ले जाकर दबाव बनाने की कोशिश की. उनको ऐसा लग रहा होगा कि यह बंद कमरे में अपनी बेइज्जती बर्दाश्त करके बैठ जाएंगे. तौकीर रजा ने जिला प्रशासन को चेतावनी दी और कहा नफरत की बुनियाद पर या बदले की भावना से इनके खिलाफ किसी तरह की कार्रवाई की जाती है तो रामपुर ही नहीं पूरे उत्तर प्रदेश में इसके नतीजे देखने को मिलेंगे. इसके अलावा दूसरे प्रदेशों में भी इसके नतीजे देखने को मिलेंगे.