मुजफ्फरनगरः मुजफ्फरनगर जिला महिला चिकित्सालय में 18 अगस्त को प्रसव के बाद दो महिलाओं की मौत हो गई. इसको लेकर काफी विवाद हुआ. दो दिन पूर्व अखिल भारत हिंदू महासभा के प्रतिनिधिमंडल ने सीएमओ डॉ. महावीर सिंह फौजदार से मुलाकात कर महिला जिला चिकित्सालय में हुई घटनाओं पर बात की. लेकिन, मुख्य चिकित्सा अधिकारी की तरफ से इस मामले में कोई संतुष्ट जवाब नहीं दिया गया. वहीं, मंगलवार को इस प्रकरण की जांच के लिए एक टीम पहुंची है. इसके बाद से ही महिला जिला चिकित्सालय सवालों के घेरे में खड़ा है.
मुजफ्फरनगर जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचे राजेंद्र कुमार ने बताया कि उन्होंने अपनी पुत्रवधू मनीषा को महिला जिला चिकित्सालय में 11 अगस्त को भर्ती कराया था. उसने शाम 5:30 बजे एक बच्ची को जन्म दिया. इसके बाद सुबह अचानक से उनकी पुत्रवधू को ब्लडिंग शुरू हो गई. उन्होंने जिला चिकित्सालय के डॉक्टरों को दिखाया तो डॉक्टरों ने मेरठ मेडिकल कॉलेज के लिए रेफर कर दिया. वह मेरठ पहुंचे भी नहीं थे कि उनकी पुत्रवधू मनीषा ने तड़पते हुए दम तोड़ दिया. राजेंद्र ने जिलाधिकारी को एक प्रार्थना पत्र सौंपते हुए इंसाफ की गुहार लगाई है.
वहीं, दूसरी ओर विशाल ने अवगत कराया कि बीती 18 अगस्त को उन्होंने अपनी पत्नी सुहानी को प्रसव के लिए जिला महिला चिकित्सालय में भर्ती कराया था. डॉक्टरों की सर्जरी द्वारा सुहानी ने बेटे को जन्म दिया था. बच्चे को जन्म देने के बाद सुहानी ठीक थी. लेकिन, जैसे ही सुहानी को अस्पताल स्टाफ ने वार्ड में भर्ती किया, उसके बाद सुबह अचानक से तबीयत खराब हो गई. विशाल ने बताया कि उनकी मां ने फोन कर बताया कि सुहानी की तबीयत ज्यादा खराब है. जैसे ही विशाल जिला चिकित्सालय पहुंचा तो अफरा-तफरी का माहौल बना हुआ था. जिला चिकित्सालय के डॉक्टरों ने उन्हें तुरंत कहीं और ले जाने के लिए कहा. विशाल अपनी पत्नी को भोपा रोड स्थित इवान हॉस्पिटल में ले गए. लेकिन, ईवान हॉस्पिटल के चिकित्सकों ने भी उन्हें जवाब दे दिया. ईवान हॉस्पिटल के डॉक्टरों ने उन्हें मेरठ के लिए रेफर किया. लेकिन, वहां पहुंचने से पहले ही सुहाना की मौत हो गई.