मऊःवैश्विक महामारी कोरोना के दौरान जब लॉकडाउन लगा तो लाखों लोगों का रोजगार छिन गया. महानगरों में काम करने वाले कामगार अपने घर वापस लौट आए. ऐसे हालात में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 'आत्मनिर्भर' ने नारा दिया था. इसी आत्मनिर्भर स्लोगन का असर मऊ के इंदारा गांव में देखने को मिल रहा है. लॉकडाउन के दौरान काम छिन जाने के बाद इंदारा निवासी संजय पांडे ने आपदा को अवसर में बदल दिया. संजय ने गांव में ही सोनपापड़ी और खाद्य पदार्थों के निर्माण के लिए छोटी सी फैक्ट्री की शुरुआत की है. संजय इस छोटे से व्यवसाय से कई बेरोजगारों को गांव में ही रोजगार दिया है.
गौरतलब है कि आंध्र प्रदेश और मुंबई में काम करने वाले लोगों का जब काम छूट गया तो संजय पांडे ने अपने ही प्लांट में इन्हें काम उपलब्ध करवाया. महानगरों में काम ढूंढने वाले करीब 25 लोगों को संजय की छोटी सी फैक्ट्री में काम मिल गया है. फैक्ट्री में काम करने वाले हलवाई रामचंद्र बताते हैं कि वह आंध्र प्रदेश में एक फैक्ट्री में काम करते थे. लॉकडाउन के दौरान जब रोजगार छिन गया तो अपने घर आकर के बेरोजगार बैठे थे. इसी दौरान चर्चा में संजय पांडे से बातचीत हुई और गांव में ही इन लोगों ने सोनपापड़ी और खाद्य की फैक्टरी शुरू कर दी. उन्होंने बताया कि अब यहां पर प्रोडक्ट बना करके बिहार, मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश के विभिन्न जनपदों में भेजा जा रहा है. जिसकी मार्केट में मांग खूब हो रही है.