लखनऊ: विधान परिषद में सरकार ने मंगलवार को स्पष्ट कर दिया है कि पिछले 8 साल में उत्तर प्रदेश में किसानों की वार्षिक आय लगभग दोगुनी हो चुकी है. इसको लेकर विपक्ष के सदस्यों ने जमकर हंगामा किया और किसानों के लिए सरकार द्वारा कुछ न करने की बात कही गई. जमकर हंगामा होता रहा. वहीं, सरकार अपनी बात पर अड़ी रही. सरकार की ओर से स्पष्ट कहा गया कि किसानों की आय अब दोगुनी की जा चुकी है. वहीं, उमेश पाल हत्याकांड में पकड़े गए एक अन्य आरोपी सदाकत के साथ सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव की तस्वीर सोशल मीडिया पर वायरल होने पर उन्होंने कहा कि ये सोशल मीडिया का दौर है. किसी के साथ भी फोटो हो सकती है.
समाजवादी पार्टी के एमएलसी आशुतोष सिन्हा ने प्रश्नकाल का पहला सवाल किया. उन्होंने सवाल किया कि क्या कृषि मंत्री बताएंगे कि प्रदेश में वर्ष 2014 में किसानों की आय कितनी थी और किसानों की आय कितनी है. इसके जवाब में कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने बताया कि कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय भारत सरकार स्तर पर तैयार की गई डबलिंग फार्मर्स इनकम वॉल्यूम 2 पृष्ठ 27 पर प्रस्तुत आंकड़ों के अनुसार, उत्तर प्रदेश के कृषक हाउस होल्ड की औसत आय 2014-15 में 52731 रुपये वार्षिक थी. उन्होंने बताया कि भारत सरकार के सांख्यिकी और कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय द्वारा तैयार की गई ग्रामीण भारत में कृषक परिवारों की स्थिति और परिवारों की भूमि एवं पशुधन का मूल्यांकन 2019 के अनुसार कृषक हाउस कोर्ट की औसत वार्षिक आय जुलाई 2018 जून 2019 में रुपए 96732 रही है. इसके बाद में कृषि मंत्री ने यह माना कि इस दौरान किसानों की आय दोगुनी हो चुकी है.
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