लखनऊ:यूपी बोर्ड 10वीं और 12वीं के परीक्षा केंद्रों की व्यवस्था जांचने के लिए शिक्षा विभाग की ओर से नोडल अधिकारी नामित किए जाएंगे. इन नोडल अधिकारियों की जिम्मेदारी सभी स्कूलों की ओर से अपलोड किए गए डाटा का स्थलीय निरीक्षण कर उसकी रिपोर्ट तैयार करना होगा. इस बार तीन चरणों की जांच के बाद रिपोर्ट के आधार पर ही परीक्षा केंद्रों का निर्धारण किया जाएगा.
बढ़ सकते हैं सेंटर
तीन चरणों की जांच के बाद बनाया जाएगा यूपी बोर्ड की परीक्षा का केंद्र - लखनऊ परीक्षा केंद्र
वैश्विक महामारी कोविड-19 के चलते इस बार यूपी बोर्ड के परीक्षा केंद्रों की संख्या में बढ़ोतरी होने की संभावना है. ऐसे में परीक्षा केंद्रों की व्यवस्था जांचने के लिए शिक्षा विभाग की ओर से नोडल अधिकारी नामित किए जाएंगे.
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वैश्विक महामारी कोविड-19 के चलते इस बार यूपी बोर्ड के परीक्षा केंद्रों की संख्या में बढ़ोतरी हो सकती है. ऐसे में स्कूलों की ओर से ऑनलाइन सेंटर निर्धारण की प्रक्रिया में गलत जानकारी अपलोड करने की संभावना अधिक है. इसी को देखते हुए शिक्षा विभाग ने इस बार नोडल अधिकारियों से सभी प्रस्तावित स्कूलों की जांच कराने की तैयारी शुरू कर दी है.
तीन चरणों की जांच के बाद होगा परीक्षा केंद्रों का निर्धारण
इस बार शिक्षा विभाग परीक्षा केंद्र बनाने की प्रक्रिया में कोई भी लापरवाही नहीं बरत रहा है. पिछले 2 सालों में केंद्रों की संख्या में लगातार कटौती की जा रही है, लेकिन इस बार कोविड-19 के चलते परीक्षा केंद्रों पर अधिकतम 800 स्टूडेंट्स के परीक्षा कराने का आदेश जारी हुआ है. जिससे एक रूम में केवल 20 स्टूडेंट्स ही एग्जाम दे सकेंगे. ऐसे में इस बार सेंटर्स की संख्या अधिक होने की पूरी संभावना है. इसलिए अपने स्कूलों को सेंटर बनाने के लालच में कई सेल्फ फाइनेंस स्कूलों की ओर से गलत जानकारी अपलोड की जा सकती है. इसी को देखते हुए इस बार 3 चरणों की जांच के बाद ही परीक्षा केंद्रों का निर्धारण किया जाएगा. सबसे पहले डीआईओएस के स्तर पर इसके बाद जिलाधिकारी और फिर तीसरी टीम इन दोनों टीमों की जांच को सत्यापित करने का काम करेगी. इसके बाद ही माध्यमिक शिक्षा परिषद को केंद्रों की सूची फाइनल करने के लिए भेजी जाएगी.
परीक्षा केंद्रों के निर्धारण के लिए बरती जा रही गंभीरता
जिला विद्यालय निरीक्षक डॉ. मुकेश कुमार ने बताया कि परीक्षा केंद्रों के निर्धारण को लेकर हर स्तर पर गंभीरता बरती जा रही है. 51 राजकीय इंटर कॉलेजों के प्रिंसिपल की टीम को पहले चरण के तहत सेंटर की जांच के लिए लगाया गया है. दूसरे चरण के तहत जिला प्रशासन की टीम परीक्षा केंद्रों का निरीक्षण कर मानकों का सत्यापन करेगी. इसके बाद तीसरी टीम केंद्रों को क्रॉस चेक करेगी. अगर इस दौरान कहीं कोई कमी पाई जाती है तो उसे सुधारा जाएगा.
बीते सालों का बोर्ड एग्जाम का डाटा
2019-20 हाईस्कूल 50,102
2019-20 इंटरमीडिएट 51,002
2020-21 हाईस्कूल 50,356
2020-21 इंटरमीडिएट 51,321