लखनऊ : सरकार ने पुराने वाहनों पर भी हाई सिक्योरिटी रजिस्ट्रेशन नंबर प्लेट लगाने का फरमान जारी कर दिया है. इस फरमान से सबसे ज्यादा दिक्कत उन वाहन स्वामियों को हो रही है, जिनकी गाड़ियों के शोरूम ही बंद हो गए हैं. ऐसे में वे एचएसआरपी अगर लगवाना भी चाहें तो जाएं कहां? इसे लेकर वे पशोपेश में हैं. लखनऊ में तकरीबन ऐसे सवा लाख वाहन स्वामी हैं, जिनके पास जो गाड़ी है, उसका शोरूम ही बंद हो चुका है.
नहीं भरना होगा जुर्माना
परिवहन विभाग ने ऐसे वाहन स्वामियों को फिक्र न करने की बात कही है. अधिकारियों के मुताबिक, तय तारीख के बाद भी अगर इन वाहन स्वामियों को हाई सिक्योरिटी रजिस्ट्रेशन नंबर प्लेट नहीं मिलती है तो भी इन पर जुर्माना नहीं लगाया जाएगा. हालांकि इन सभी वाहन स्वामियों को किसी न किसी कंपनी से एचएसआरपी लगवाने के लिए व्यवस्था की जा रही है. बंद हुई कंपनियों से पहले खरीदे गए वाहन से गाड़ी मालिक अभी एचएसआरपी लगवाने के लिए भटक रहे हैं. वाहन स्वामी आरटीओ कार्यालय से लेकर परिवहन आयुक्त मुख्यालय तक का चक्कर लगा रहे हैं.
ये गाड़ियां हुईं बंद
परिवहन आयुक्त मुख्यालय के अधिकारी बताते हैं कि जो कंपनियां बंद हो गई है उनमें एलएमएल बेस्पा, सेवरलेट, मिस्सीबुसी, एम्बेस्डर, फियट, ओमनी के अलावा दो पहिया वाहनों की कंपनियां शामिल हैं. इन कंपनियों को तय की गई वेबसाइट siam.in पर विकल्प दिया जाएगा. जहां गाड़ी मालिक ऑनलाइन आवेदन कर सकेंगे. ये विकल्प जल्द वाहन स्वामियों के सामने उपलब्ध होंगे.
बंद हुई कम्पनियों के वाहन स्वामी HSRP लगवाने को तलाश रहे डीलर - एचएसआरपी
उत्तर प्रदेश में पुराने वाहनों पर हाई सिक्योरिटी रजिस्ट्रेशन नंबर प्लेट लगाने के सरकार के फरमान के बाद अब बंद हुई कम्पनियों के वाहन स्वामी डीलर की तलाश कर रहे हैं. राजधानी में बंद कम्पनियों के सवा लाख से ज्यादा वाहन हैं. ऐसे में सरकार ने फैसला किया है कि तय तारीख के बाद भी HSRP न लगने पर भी इन वाहन स्वामियों पर जुर्माना नहीं लगाया जाएगा.
हाई सिक्योरिटी रजिस्ट्रेशन नंबर प्लेट .
वेंडरों को दिया गया निर्देश
अपर परिवहन आयुक्त (राजस्व) अरविंद कुमार पांडेय बताते है कि उत्तर प्रदेश में एचएसआरपी लगवाने के लिए चार वेंडरों का चयन किया जा चुका है. इन्हीं को बंद हुई कंपनियों को दूसरी कंपनी में मर्ज करने के निर्देश दिए गए हैं. शीघ्र ही ऑनलाइन आवेदन में बंद कंपनियों के ऑप्शन शो होने लगेंगे.