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ब्लॉक प्रमुख के लिए नामांकन न करने देने के आरोपों पर हाईकोर्ट ने दिया दखल

हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच ने प्रतापगढ़ के ब्लॉक प्रमुख पद के एक प्रत्याशी को नामांकन के लिए पुलिस सुरक्षा देने का आदेश दिया है. न्यायालय ने ब्लॉक प्रमुख पद के चुनाव का परिणाम आ जाने तक प्रत्याशी की पूर्ण सुरक्षा सुनिश्चित करने का भी आदेश डीआईजी प्रतापगढ़ को दिया है. प्रत्याशी ने भाजपा सरकार के एक मंत्री व उनके बेटे पर उसे चुनाव न लड़ने देने का का आरोप लगाया है. इसको लेकर हाईकोर्ट ने दखल दिया है.

ब्लॉक प्रमुख के लिए नामांकन न करने देने के आरोपों पर हाईकोर्ट ने दिया दखल
ब्लॉक प्रमुख के लिए नामांकन न करने देने के आरोपों पर हाईकोर्ट ने दिया दखल

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Published : Jul 8, 2021, 11:55 PM IST

लखनऊ: हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच ने प्रतापगढ़ के ब्लॉक प्रमुख पद के एक प्रत्याशी को नामांकन के लिए पुलिस सुरक्षा देने का आदेश दिया है. न्यायालय ने ब्लॉक प्रमुख पद के चुनाव का परिणाम आ जाने तक प्रत्याशी की पूर्ण सुरक्षा सुनिश्चित करने का भी आदेश डीआईजी प्रतापगढ़ को दिया है. प्रत्याशी ने भाजपा सरकार के एक मंत्री व उनके बेटे पर उसे चुनाव न लड़ने देने का का आरोप लगाया है. न्यायालय ने मंत्री व उनके बेटे को भी नोटिस जारी करने का आदेश दिया है. यह आदेश न्यायमूर्ति डीके उपाध्याय और न्यायमूर्ति अजय कुमार श्रीवास्तव, प्रथम की खंडपीठ ने प्रत्याशी अखिलेश सिंह की याचिका पर दिया.

याचिका में कहा गया है कि चुनाव में सरकार के एक मंत्री का बेटा भी ब्लॉक प्रमुख पद का प्रत्याशी है. मंत्री व उनके बेटे के कहने पर स्थानीय पुलिस व प्रशासन चुनाव में याची भाग न ले पाए, इसके लिए न सिर्फ उसे बल्कि उसके परिवार के सदस्यों को भी हिरासत में ले रहे हैं. सुबह हुई सुनवाई के दौरान न्यायालय ने सरकारी वकील को अपर मुख्य सचिव, गृह, पुलिस महानिदेशक व प्रतापगढ़ के जिलाधिकारी और एसपी से निर्देश प्राप्त कर कोर्ट को अवगत कराने का आदेश दिया है. न्यायालय ने डीजीपी ऑफिस के किसी आईपीएस अधिकारी को भी सुनवाई के समय हाजिर रहने का आदेश दिया है.

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सवा एक बजे हुई सुनवाई के दौरान डीजीपी ऑफिस से आईपीएस अधिकारी सुरेंद्र बहादुर मौजूद रहे. वहीं सरकारी वकील ने कोर्ट को बताया कि याची को कभी हिरासत में नहीं लिया गया. हालांकि उसके बेटे का शांति भंग की आशंका में चालान किया गया व उसे भी बंध पत्र भरने के बाद रिहा कर दिया गया. न्यायालय ने दोनों पक्षों की बहस सुनने के पश्चात याची को सुरक्षा देने के आदेश के साथ ही राज्य सरकार से चार सप्ताह में जवाबी हलफनामा भी तलब किया है. मामले की अगली सुनवाई 25 अगस्त को होगी.

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