लखनऊ : भारतीय किस्म की गुलाब की प्रजातियों को बढ़ावा देने के लिए एनबीआरआई ने पहल की है. बात अगर गुलाब की आती है तो हॉलैंड से सबसे अधिक आयात निर्यात होता है भारत में भी गुलाब की कई प्रजातियां पाई जाती हैं, लेकिन उसका इस्तेमाल इत्र या गुलाब जल बनाने में बहुत कम मात्रा में होता है. इन्हीं की संख्या बढ़ाने के लिए एनबीआरआई ने भारतीय गुलाबों की प्रजातियां को बढ़ावा देने के लिए नई शुरुआत की है. ताकि फूलों की खेती कर रहे किसान बाहरी देशों की प्रजातियों को न उगाकर भारतीय किस्म के गुलाब की प्रजातियों की खेती करें और भारतीय गुलाब को बढ़ावा दें. इसी के तहतस 20 और 21 जनवरी को एनबीआरआई द्वारा गुलाब और ग्लैडियोलस प्रदर्शनी लगाई जाएगी. इस प्रदर्शनी में प्रतियोगिता भी होगी. प्रदर्शनी में किसानों को जागरूक किया जाएगा. प्रदर्शनी में आम पब्लिक भी आ सकेंगे. इस प्रदर्शनी में सेमिनार आयोजित होगा. जिसमें प्रदेशभर के नर्सरी से लोग शामिल होंगे. सेमिनार में भारतीय गुलाब की अनेकों प्रजातियों के बारे में लोगों को बताया जाएगा.
भारतीय गुलाब की प्रजातियों को जानें :एनबीआरआई के निदेशक डॉ. अजित कुमार शासनी ने बताया कि राष्ट्रीय वनस्पति अनुसंधान संस्थान (एनबीआरआई) में हर साल फूलों की प्रदर्शनी लगाई जाती है. एनबीआरआई एक ऐसा संस्थान है जहां पर हर प्रजाति के फूल पौधे लगे होते हैं और उनके प्रयोगशालाओं में विभिन्न तरह की प्रजातियों को रखा जाता है. इस बार गुलाब और ग्लैडियोलस प्रदर्शनी लगाई जाएगी. इस प्रदर्शनी में गुलाब और ग्लैडियोलस की विभिन्न प्रजातियां को दिखाया जाता है. उन्होंने कहा कि आमतौर पर हम देखते हैं कि हमारे किसान जिन फूलों की खेती करते हैं वह दूसरे देश के फूलों की प्रजातियां होती हैं, लेकिन हमारी कोशिश यही है कि अधिक से अधिक किसानों को और आम जनमानस को भारतीय गुलाब की प्रजातियों को लेकर जागरूक कर सकें.
सीरिया का दमिश्क गुलाब :डॉ. शासनी ने कहा कि यह सच है कि भारतीय गुलाबों की प्रजातियां बहुत अच्छी होती हैं. छोटे-छोटे फूल सुनहरे लाल रंग में होते हैं, जिनकी खुशबू लोगों को अपनी तरफ आकर्षित करती है, लेकिन इनका इस्तेमाल इत्र और गुलाब जल के लिहाज से बहुत कम मात्रा में होता है. जिसके कारण ज्यादातर किसान भारतीय गुलाब की खेती काम करते हैं या न के बराबर करते हैं. सीरिया के दमिश्क गुलाब से सबसे अधिक इत्र और गुलाब जल इत्यादि बनाया जाता है. आमतौर पर यह दमिश्क गुलाब के रूप में जाना जाता है या कभी-कभी ईरानी गुलाब, बल्गेरियाई गुलाब, तुर्की गुलाब, ताइफ़ गुलाब, अरब गुलाब, इस्पहान गुलाब और कैस्टिले गुलाब के रूप में जाना जाता है.