लखनऊ: ख्वाजा मुईनुद्दीन चिश्ती भाषा विश्वविद्यालय लखनऊ में शुक्रवार को कार्य परिषद की बैठक आयोजित की गई. विश्वविद्यालय कुलपति प्रो. विनय कुमार पाठक की अध्यक्षता में आयोजित इस बैठक में कार्य परिषद के नामित सदस्य प्रो. हरिहर प्रसाद शुक्ल एवं प्रो. अरुनाभ चैटर्जी ने ऑनलाइन माध्यम से एवं प्रो. सूर्य प्रसाद दीक्षित ने भौतिक उपस्थिति द्वारा प्रतिभाग किया.
भाषा विश्वविद्यालय में आयोजित की गई कार्य परिषद की बैठक - लखनऊ न्यूज
राजधानी लखनऊ में ख्वाजा मुईनुद्दीन चिश्ती भाषा विश्वविद्यालय में शुक्रवार को कार्य परिषद की बैठक आयोजित की गई. बैठक में करियर एडवांसमेंट स्कीम के अंतर्गत डॉ. फखरे आलम एवं डॉ. सौबान सईद, सह आचार्य उर्दू विभाग एवं डॉ. तनवीर खदीजा, सह आचार्य अंग्रेजी विभाग की पदोन्नति को स्वीकृति प्रदान की गई.

बैठक में करियर एडवांसमेंट स्कीम के अंतर्गत डॉ. फखरे आलम एवं डॉ. सौबान सईद, सह आचार्य उर्दू विभाग एवं डॉ. तनवीर खदीजा, सह आचार्य अंग्रेजी विभाग की पदोन्नति को स्वीकृति प्रदान की गई. साथ ही बैठक में विश्वविद्यालय के नए स्वरूप को भाषाओं से जोड़ने के लिए विशेष कार्य किए जाने, रोजगारपरक पाठ्यक्रमों को संचालित किए जाने, भाषाओं को तकनीक से जोड़ने एवं पद्मश्री डॉ. अशोक चक्रधर के निर्देशन अनुसार प्रोजेक्ट इमली पर कार्य किए जाने का निर्णय भी लिया गया.
इसी संदर्भ में कार्य परिषद की बैठक के बाद प्रो. सूर्य प्रसाद दीक्षित द्वारा भाषाओं के पाठ्यक्रम को रोजगारपरक बनाए जाने पर एक विशेष व्याख्यान का आयोजन भी किया गया. प्रो. दीक्षित ने बताया कि भाषाओं को व्यवहारिक रूप से देखे जाने की आवश्यकता है. भाषा के पाठ्यक्रमों में कंटेंट राइटिंग, ट्रांसलेशन, डॉक्यूमेंटेशन एवं डिजिटाइजेशन जैसी नई विधाओं को शामिल किए जाने की आवश्यकता है.