लखनऊ: उत्तर प्रदेश विधान परिषद में कांग्रेस दल के नेता दीपक सिंह ने शुक्रवार को लोक भवन के सामने 2 महिलाओं के आत्मदाह के प्रयास को योगी सरकार के साथ केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी की विफलता का परिणाम बताया है. उन्होंने कहा कि स्मृति ईरानी को बताना चाहिए कि वह अमेठी की जनता की समस्याओं के समाधान के लिए किस तरह की वीडियो कांफ्रेंसिंग करती हैं, जिसमें लोगों को इंसाफ मिलने के बजाय आत्मदाह की राह दिखाई जा रही है.
उत्तर प्रदेश विधान परिषद में कांग्रेस दल के नेता दीपक सिंह. विधान परिषद सदस्य और अमेठी निवासी कांग्रेसी नेता दीपक सिंह ने शुक्रवार को हुई दर्दनाक घटना के बाद अपने वीडियो संदेश में योगी सरकार की कड़ी निंदा की है. उन्होंने कहा कि इस हादसे ने यह स्पष्ट कर दिया है कि उत्तर प्रदेश की योगी सरकार लोगों के साथ इंसाफ करने में पूरी तरह विफल है.
दबंगों की सहायता कर रही सरकार
उन्होंने कहा कि कमजोर और गरीब लोगों का अधिकार छीना जा रहा है. उनकी फरियाद भी थाने और तहसील में नहीं सुनी जा रही है. सरकार का सिस्टम गरीबों की मदद करने के बजाय अपराधी और दबंग लोगों की सहायता कर रहा है. उन्होंने कहा कि यह भी अत्यंत आश्चर्य की बात है कि केंद्रीय मंत्री और अमेठी की सांसद स्मृति ईरानी दिल्ली में बैठकर अमेठी के लोगों की समस्याओं को वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए सुलझाने का दावा कर रही हैं, लेकिन हकीकत इसके उलट है.
स्मृति ईरानी को देना होगा जवाब
दीपक सिंह ने कहा कि जिस तरह से मां-बेटी ने आकर मुख्यमंत्री के कार्यालय के बाहर आत्मदाह करने की कोशिश की है. वह अत्यंत निंदनीय होने के साथ ही दुख और चिंता का भी कारण है. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के साथ ही केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी को भी यह जवाब देना होगा कि आखिर लोगों की समस्या का समाधान क्यों नहीं हो रहा है. इंसाफ की राह में बाधा कौन खड़ी कर रहा है. केंद्रीय मंत्री आखिर आज अमेठी के लोगों की मदद क्यों नहीं कर रही हैं, क्यों पीड़ित लोगों को मुख्यमंत्री कार्यालय के सामने आकर जान देने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है.