लखनऊ: स्वतंत्रता की 75वीं वर्षगांठ को जन-जन से जोड़ने का वीणा अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद ने उठाया है. इस दिन को और भी खास बनाने के लिए कई विशेष वर्ग के लोगों के बीच 15 अगस्त को परिषद के कार्यकर्ता जाएंगे. यह पहला मौका होगा जब कोई संगठन ट्रांसजेंडर से लेकर काशी में मोमोक्षो भवन और स्वर्गाश्रम में अंतिम सांस ले रहे लोगों के हाथों में भी तिरंगा देंगे. उन्हें मिठाई खिलाएंगे और देश का सम्मानित नागरिक होने का एहसास कराएंगे. राज्य के करीब 20 हजार गांवों में सीधे कार्यक्रम किया जाएगा. इसका पूरा खाका तैयार कर लिया गया है.
अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के क्षेत्रीय संगठन मंत्री घनश्याम ने कहा कि देश की आजादी के 75 साल हो रहे हैं. समाज में बहुत बड़ा वर्ग ऐसा भी जो इस दिवस में सरीख नहीं होता या फिर यूं कहें कि उन्हें ऐसे आयोजनों में शामिल होने का मौका ही नहीं मिल पाता. इन सब बातों को ध्यान में रखकर परिषद ने यह कदम उठाया है. काशी में मोमोक्षो आश्रम है. यहां लोग अपने जीवन का आखिरी समय बिताने के लिए आकर रहते हैं और दूसरा स्वर्गाश्रम है. यहां उन लोगों को रखा जाता है, जो अंतिम सांस ले रहे होते हैं. इन सब लोगों के बीच एबीवीपी के कार्यकर्ता जाएंगे.
संगठन मंत्री घनश्याम ने कहा कि एबीवीपी के कार्यकर्ता उन्हें आजादी और अपनापन का एहसास कराएंगे, उन्हें मिठाई खिलाई जाएगी और उनके हाथों में तिरंगा दिया जाएगा. ट्रांसजेंडर समुदाय के लोगों के बीच भी हम लोग जा रहे हैं. लखनऊ के खदरा क्षेत्र में वह खुद ट्रांसजेंडर नागरिकों के बीच रहेंगे. यहां ट्रांसजेंडर ही ध्वजारोहण करेंगे. इनके अलावा कुष्ठ रोगियों के मध्य, स्लम एरिया, कोरोना सुरक्षा समिति, परिषद की पाठशाला, दिव्यांगजन के बीच, वैक्सीनेशन केंद्रों पर, अनाथालय में, वृद्धाश्रमों में, विधवा आश्रमों में, मंदिर एवं अन्य धार्मिक स्थलों पर, अस्पतालों और निजी छात्रावासों में भी परिषद के कार्यकर्ता जाकर उन लोगों के बीच तिरंगा फहराएंगे.