लखनऊ : कोरोना वायरस के खिलाफ जारी जंग के तहत उत्तर प्रदेश में प्रथम चरण के तहत वैक्सीनेशन किया जा रहा है. प्रथम चरण में स्वास्थ्य कर्मचारियों को को टीका लगाना है. स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के तहत पहले चरण के तहत 9 लाख स्वास्थ्य कर्मचारियों को टीका लगाया जाना है. 5 फरवरी तक प्रथम चरण के तहत वैक्सीनेशन का कार्य किया जाएगा. उत्तर प्रदेश में अब तक प्रथम चरण के तहत चार दिनों का वैक्सीनेशन पूरा किया गया है. 4 दिनों में अब तक 4,63,383 स्वास्थ्य कर्मचारियों को वैक्सीन लगाई जा चुकी है. स्वास्थ विभाग के 900000 स्वास्थ्य कर्मचारियों के टीकाकरण के हिसाब से अब तक 51 प्रतिशत से अधिक स्वास्थ्य कर्मचारियों को टीका लगाया जा चुका है.
पहले दिन 22693 स्वास्थ्य कर्मचारियों के लगाया गया था टीका
16 जनवरी 2021 को पहले चरण के तहत पहले दिन वैक्सीनेशन किया गया था. पहले दिन 22,693 स्वास्थ्य कर्मचारियों के वैक्सीन लगाई गई थी. पहले चरण के पहले दिन जिन लोगों को वैक्सीनेशन के लिए बुलाया गया था उनमें से 71 प्रतिशत लोग वैक्सीनेशन सेंटर पर पहुंचे और उनका वैक्सीनेशन किया गया. प्रथम चरण के दूसरे दिन के तहत 22 जनवरी को वैक्सीनेशन किया गया. 22 जनवरी को 1,00,658 स्वास्थ्य कर्मचारियों को टीका लगाया गया. बुलाए गए स्वास्थ्य कर्मचारियों का यह आंकड़ा 65 प्रतिशत था. प्रथम चरण के तीसरे दिन के तहत 28 जनवरी को वैक्सीनेशन किया गया, जिसमें 1,71,198 स्वास्थ्य कर्मचारियों को टीका लगाया गया, जो बुलाए गए स्वास्थ्य कर्मचारियों का 66 प्रतिशत था. वैक्सीनेशन के चौथे दिन 1,68,834 स्वास्थ्य कर्मचारियों को टीका लगाया गया जो कि बुलाए गए स्वास्थ्य कर्मचारियों का 74 प्रतिशत था. अब तक चयनित स्वास्थ्य कर्मचारियों में से 64 प्रतिशत का वैक्सीनेशन किया जा चुका है. वहीं अगर प्रथम चरण के तहत 9 लाख स्वास्थ्य कर्मचारियों की बात करें तो उत्तर प्रदेश में अब तक सिर्फ 4 लाख 63 हजार 383 स्वास्थ्य कर्मचारियों की टीका लगाया गया है जो कि 51.48 प्रतिशत है.
पहले चरण के टीकाकरण के 2 दिन शेष
उत्तर प्रदेश में किए जा रहे वैक्सीनेशन के प्रथम चरण के तहत आगामी 4 फरवरी व 5 फरवरी को भी वैक्सीनेशन किया जाएगा. अभी प्रथम चरण के तहत स्वास्थ विभाग के पास 2 दिन शेष हैं. हालांकि जिस तरह से बड़ी संख्या में स्वास्थ्य कर्मचारी वैक्सीनेशन के लिए नहीं पहुंच रहे हैं. ऐसे में 9 लाख स्वास्थ्य कर्मचारियों के वैक्सीनेशन का टारगेट 5 फरवरी तक पूरा करना स्वास्थ विभाग के लिए चुनौतीपूर्ण है.