लखनऊ:मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सिटी मोन्टेसरी स्कूल (सीएमएस) की ओर से ऑनलाइन आयोजित 'अंतरराष्ट्रीय मुख्य न्यायाधीशों के 22वें अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन' ('22nd International Conference of International Chief Justices') में बतौर मुख्य अतिथि कहा कि भावी पीढ़ी को शान्तिपूर्ण माहौल उपलब्ध कराना हम सभी का नैतिक दायित्व है.
भारतीय संविधान के अनुच्छेद 51 में विश्व शान्ति के प्रोत्साहन के लिए महत्वपूर्ण प्रावधान किये गये हैं. मुझे आशा है कि मुख्य न्यायाधीशों का यह सम्मेलन वैश्विक शान्ति व एकता को प्रोत्साहित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभायेगा. विश्व के मुख्य न्यायाधीशों के इस सम्मेलन में शनिवार को प्रदेश विधानसभा अध्यक्ष (state assembly speaker) हृदय नारायण दीक्षित, सांसद सुधांशु त्रिवेदी, रोमानिया, क्रोएशिया व लेसोथो के पूर्व राष्ट्रपति व प्रधानमंत्री समेत 50 देशों के न्यायविदों व कानूनविदों ने अपने सारगर्भित संबोधनों से एक नवीन विश्व व्यवस्था की सुखमय तस्वीर प्रस्तुत की.
इस अवसर पर सी.एम.एस. गोमती नगर एवं राजाजीपुरम कैम्पस के छात्रों ने विद्यालय के 55,000 छात्रों का प्रतिनिधितव करते हुए विश्व संसद एवं मॉडल यूनाइटेड नेशन्स के माध्यम से बहुत ही प्रभावशाली तरीके से विश्व के ढाई अरब बच्चों के सुरक्षित व सुखमय भविष्य की अपील प्रस्तुत की, जिसका 50 देशों के न्यायविदों व कानूनविदों ने पुरजोर समर्थन किया.
सम्मेलन के विशिष्ट अतिथि व सांसद सुधांशु त्रिवेदी व रोमानिया के पूर्व राष्ट्रपति एमिल कान्टैन्स्यू ने एक स्वर में कहा कि विश्व व्यवस्था में कानून का राज स्थापित करना असंभव नहीं है, बस इसके लिए एक विचारधारा व दृढ़ इच्छाशक्ति की आवश्यकता है. इस अवसर पर क्रोएशिया के पूर्व राष्ट्रपति स्टीपन मेसिक एवं लेसोथो के पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. पकालिथा बी. मोसिलिली ने भी अपने सारगर्भित विचारों से ‘विश्व एकता’ का समर्थन किया.