कासगंज: जनपद के थाना सिकंदरपुर वैश्य क्षेत्र में 27 अगस्त को दिन दहाड़े एक युवक का अपहरण कर लिया गया था. इसके बाद युवक को जिंदा ही बदायूं जिले में नगला खागी क्षेत्र में गंगा नदी में फेंक दिया गया था. परिजनों की तहरीर के आधार पर पुलिस मामले की जांच पड़ताल में जुटी थी. गुरुवार को पुलिस ने अपहरण और हत्या के मामले में 3 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया.
अपहरण की वारदात सीसीटीवी में कैद
थाना सिकंदरपुर वैश्य के गांव पीतमनगर हडौरा निवासी राधा पत्नी ओमपाल ने पुलिस को बताया था कि वह वर्तमान समय में सदर कोतवाली क्षेत्र के अशोक नगर रेलवे लाइन पार में रहती है. उसके पति रविवार को 8 बजे मजदूरी करने गए थे. वह अपने मोहल्ले में लोगों के घरों में झाड़ू पोछा और खाना बनाने गई थी. शाम को घर वापस आने पर देखा कि उसके पति वापस नहीं आए हैं. आसपास जानकारी जुटाने पर पता चला कि उसके पति को बोलेरो सवार कुछ लोग अपहरण कर ले गए हैं. अपहरण की पूरी वारदात सीसीटीवी कैद हुई है. अपहरण करने वाले राजीव और संजीव को सीसीटीवी कैमरे में देखा गया है. इन लोगों से उनकी पुरानी रंजिश चल रही है. ये लोग उसके पति को जान से मारने की नियत से अपहरण कर ले गए हैं. जहां यह लोग उनकी हत्या कर सकते हैं.
तीसरे दिन गंगा नदी में मिला शव
पीड़िता ने बताया कि उसकी शिकायत को पुलिस ने गंभीरता से नहीं लिया. इसी दौरान 29 अगस्त को उनके अपह्रत उनके पति का शव बदायूं जनपद के थाना सहसवान क्षेत्र में गंगा नदी के किनारे पाया गया. शव के हाथ पैर बंधे हुए थे. सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्ज में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया था. अपहरण के बाद 3 दिन के अंदर हत्या की वारदात पत्नी का रो रोकर बुरा हाल हो गया था.
ततारपुर नहर के पास से तीन आरोपी गिरफ्तार
कासगंज एसपी सौरभ दीक्षित ने एएसपी जितेन्द्र कुमार दुबे के नेतृत्व में इस हत्याकांड के खुलासे के लिए स्थानीय पुलिस, एसओजी, सर्विलांस सहित एक अन्य संयुक्त टीम गठित की थी. पुलिस ने मुखबिर की सूचना पर हत्यारोपी राजीव निवासी नगला सहजन थाना पटियाली, टिंकू नगला सहजन और मोनू निवासी नगला समदा थाना बागवाला जनपद एटा को ततारपुर नहर के पुल से गिरफ्तार कर लिया.
आरोपियों के पिता को मार डाला था
पुलिस की पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि थाना सिकंदरपुर वैश्य के गांव हडौरा निवासी मृतक ओमपाल की जमीन राजीव और टिंकू के पिता रूम सिंह ने खरीदी थी. इसके कुछ समय बाद ओमपाल उस जमीन को वापस लेना चाहता था. लेकिन आरोपियों के पिता ने जमीन वापस करने से इनकार कर दिया. इसके बाद ओमपाल ने वर्ष 2017 में उनके पिता की हत्या कर दी थी. इसके बाद उन लोगों ने ओमपाल की हत्या करने की ठान ली थी.