कानपुर देहातःदेश में कोरोना की दूसरी लहर में ऑक्सीजन के लिए लोगों को जद्दोजहद करनी पड़ रही है. अस्पतालों में जहां ऑक्सीजन की पर्याप्त आपूर्ति नहीं हो पा रही है. वहीं घर पर क्वारंटाइन मरीजों के सामने भी बड़ी चुनौती पेश आ रही है. ऑक्सीजन की कमी से बड़ी संख्या में संक्रमितों को अपनी जान भी गंवानी पड़ी है. यह बात भी सामने आई कि देश के तमाम अस्पतालों में ऑक्सीजन की बर्बादी भी हुई है.
इस संदर्भ में कानपुर देहात के भोगनीपुर विधानसभा क्षेत्र के पुखरायां कस्बे के रहने वाले पार्थ बंसल ने एक मास्क का इनोवेशन किया है. पार्थ का मानना है की इसकी सहायता से ऑक्सीजन की बर्बादी को रोका जा सकता है. पार्थ ने एक ऐसा वाल्व विकसित किया है, जिसे ऑक्सीजन मास्क के साथ जोड़ दिया जाता है. जब भी मरीज उसे पहनेगा तभी वो वाल्व खुलता है और ऑक्सीजन की आपूर्ति शुरू होती है. जब मरीज मास्क उतार देता है, वैसे ही ऑक्सीजन की आपूर्ति बंद हो जाती है.
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पार्थ ने बताया कि अगर इस वाल्व को प्रत्येक ऑक्सीजन मास्क के साथ अटैच कर दिया जाए तो ऑक्सीजन की बर्बादी को रोका जा सकता है. पार्थ ने बताया कि मैंने प्लास्टिक रिंग्स एवं वायर की मदद से इस वाल्व को तैयार किया है. जिसकी कीमत महज 10 से 15 रुपये है. पार्थ बंसल वर्तमान में एमिटी यूनिवर्सिटी नोएडा में B Tech computer scienec प्रथम वर्ष के छात्र हैं.
जाने पार्थ बंसल उपलब्धियां
1. 2020 में प्रधानमंत्री और राष्ट्रपति बाल शक्ति पुरस्कार
2. पार्किसन बीमारी से जूझती अपनी दादी मां के चलने में मदद करने वाली एक छड़ी का अविष्कार करने पर पूर्व में राष्ट्रपति प्रणव मुखर्जी द्वारा डॉ. अब्दुल कलाम नवाचार पुरस्कार -2016 में