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ताजिया चंदा लूट मामला: कोर्ट ने सांसद सुब्रत पाठक समेत अन्य लोगों को किया बरी - kannauj news in hindi

ताजिये का चंदा लूटने के मामले में कोर्ट ने सांसद सुब्रत पाठक समेत सभी अन्य लोगों को बरी कर दिया. सांसद सुब्रत पाठक और उनके साथियों पर साल 2015 में हुए दंगे के दौरान इमाम चौक में ताजिया की गुल्लक से 25 हजार रुपये लूटने का आरोप लगा था.

ताजिया चंदा लूट मामला
ताजिया चंदा लूट मामला

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Published : Apr 8, 2021, 10:15 AM IST

कन्नौज: शहर में साल 2015 में हुए दंगे के दौरान इमाम चौक में ताजिया की गुल्लक से 25 हजार रुपये लूटने के मामले में करीब छह साल बाद कोर्ट ने लूट के मामले में सांसद सुब्रत पाठक समेत सभी आरोपियों को बरी कर दिया. सुनवाई के दौरान सांसद भी कोर्ट में मौजूद रहे. चंदा लूट के मामले में बरी होने के बाद सांसद ने ट्वीट कर मामले की जानकारी दी. बता दें कि साल 2015 में हुए दंगे के दौरान इमाम चौक में ताजिया की गुल्लक से 25 हजार रुपये लूटने का आरोप सांसद सुब्रत पाठक और उनके साथियों पर लगा था. शहर के अहमदी टोला निवासी युवक ने चंदा के रुपये लूटने का आरोप लगाते हुए सांसद और उनके साथियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था.

दर्ज मुकदमें की कॉपी.

क्या है पूरा मामला

जिला शासकीय अधिवक्ता मोहम्मद सालिम ने बताया कि दिसम्बर 2015 को शहर में दो समुदायों के बीच दंगा हुआ था. जिसमें शहर के इमाम चौक में ताजिया के चंदे के करीब 25 हजार रुपये लूटने का सांसद और उनके साथियों पर आरोप लगाया गया था. मामले में अहमदीटोला निवासी अकरम ने सदर कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज कराई थी. आरोप लगाया था कि अहमदी टोला सब्जी मंडी रोड पर स्थित इमामचौक और इमामबाड़ा है. जहां मोहर्रम का ताजिया रखा गया था. साथ ही ताजिया के साथ गोलक में चंदे के 25 हजार रुपये रखे हुए थे. तभी सुब्रत पाठक अपने हथियारबंद 20-25 साथियों के साथ सब्जी मंडी पहुंचे. वह गेट का ताला तोड़कर ताजिया तक पहुंच गए. इस दौरान इमाम चौक को नुकसान पहुंचाने के साथ-साथ उन्होंने चंदे के 25 हजार रुपये भी लूट लिए.इस दौरान पुलिस की गाड़ी का सायरन बजने की आवाज सुनकर सुब्रत पाठक साथियों के साथ मौके से भाग निकले थे.

सांसद सुब्रत पाठक का ट्वीट.
पुलिस ने इन धाराओं में दर्ज किया था मुकदमापुलिस ने वादी अकरम की तहरीर के आधार पर सुब्रत पाठक और उनके साथियों के खिलाफ धारा-147, 148, 395/149, 452 और 427 के तहत मुकदमा दर्ज किया था. करीब छह साल से मामला न्यायालय में विचाराधीन चल रहा था. बीते मंगलवार को फास्ट ट्रैक कोर्ट प्रथम में इस मामले की आखिरी सुनवाई हुई. जज मोहम्मद कासिफ शेख ने साक्ष्यों के अभाव में सांसद सुब्रत पाठक और उनके साथियों को बरी कर दिया.

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सांसद ने ट्वीट कर दी जानकारी

ताजिया चंदा लूट में बरी होने के बाद सांसद सुब्रत पाठक ने ट्वीट कर मामले की जानकारी दी.उन्होंने कहा कि मेरे और मेरे साथियों के ऊपर दिसम्बर 2015 में पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के द्वारा तमाम झूठे आरोप लगवाए गए थे और जेल भेज दिया गया था. इस दौरान मेरे ऊपर हत्या के मुकदमे भी लगवाए गए थे. भारतीय जनता पार्टी के स्थापना दिवस वाले दिन न्यायालय ने ट्रॉयल के बाद लूट के इस मुकदमे में सम्मान सहित बरी कर दिया है.

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