हरदोई: जिले में गोवंशों के संरक्षण के लिए बनाए गए गोशालाओं की स्थिति बेहद दयनीय है. जिले के 19 ब्लॉकों में सैकड़ों स्थाई व अस्थाई गोशालाओं का संचालन हो रहा है. इनमें से कुछ ऐसी गोशाला हैं, जहां गोवंशों को भर पेट चारा नहीं मिल पा रहा है. यही बड़ा कारण है कि आए-दिन भूख प्यास से व्याकुल गोवंश दम तोड़ रहे हैं.
ताजा मामला जिले के भरखनी क्षेत्र स्थित मजरा गैहाई गांव में बने अस्थाई गोशाला का है. जहां गोवंशों को उनके हाल पर छोड़ दिया गया है. यहां न तो चारे की उचित व्यवस्था है और न ही बीमार होने पर उपचार की. यही वजह है कि गोशाला में ही गोवंशों की मौत हो रही है और उनके जीवाश्म गोशाला परिसर में ही कुत्ते और कौए नोच कर खा रहे हैं.
निरीक्षण के बाद ग्रामीण फिर गायों को लेकर वापस चले जाते हैं. ग्रामीणों का आरोप हैं कि पशुओं के चारे, पानी की भी कोई व्यवस्था नहीं है. गोशाला के अंदर बंद पशुओं को जंगली जानवर मार डालते हैं, जिनके अवशेष इधर-उधर पड़े दिखाई दिए. शनिवार की रात तीन गोवंशों पर जंगली जानवरों ने हमला कर दिया, जिसके बाद ग्रामीण गोशाला प्रशासन पर भड़क उठे. ग्रामीणों ने गोशाला में बरती जा रही अनियमितता को लेकर काफी हंगामा किया.
गोवंशों की मौत पर ग्रामीणों का हंगामा
ग्रामीणों के हंगामें की सूचना पर खंड विकास अधिकारी विद्या शंकर कटियार और पाली थानाध्यक्ष विनोद कुमार गोस्वामी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे. ग्रामीणों को शांत कराने के लिए जिम्मेदारों ने आनन-फानन में गोशाला के चारों ओर बाड़बंदी करा दी. खंड विकास अधिकारी विद्या शंकर कटियार ने ग्रामीणों के आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि गायों को बंधवाने के निर्देश दिए गए हैं, जिससे गाय यहां से न निकल सकें. साथ ही मृत गायों को परिसर में ही गड्ढा खोदकर दफनाए जाने के भी निर्देश दिए. गोवंशों की लगातार हो रही मौत जिला प्रशासन की एक बड़ी नाकामी को दर्शाता है. जिम्मेदार अधिकारी इस मामले पर लीपापोती कर समस्या का समाधान करने का आश्वासन देने से नहीं चूक रहे हैं.