गोरखपुर: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के शहर गोरखपुर में 72 घंटे के अंदर दूसरा और महराजगंज में एक कोरोना पॉजिटिव मरीज मिलने से हड़कंप मच गया है. मामला संज्ञान में आने के बाद मंडलायुक्त ने जिले के आला अधिकारियों के साथ बैठक की. इसी के साथ आगे की रूपरेखा तैयार करते हुए उन्होंने संबंधित अधिकारियों को दिशा निर्देशित किया.
अधिकारियों के साथ बैठक करते मंडलायुक्त. गोरखपुर जिले में दूसरा कोरोना पॉजिटिव मरीज मिलने के बाद मंडलायुक्त जयंत नारलीकर ने जिले में बाहर से आने वाली गाड़ियों और एंबुलेंस की सघन तलाशी करने के निर्देश दिए हैं. उन्होंने टोल और शहर की सीमा पर तैनात पुलिसकर्मियों और चिकित्सकों को निर्देशित करते हुए कहा कि बाहर से आने वाले एंबुलेंस को सीधे गांव ना भेजें.
मंडलायुक्त ने अधिकारियों के साथ की बैठक. कमिश्नर जयंत नार्लीक ने बताया कि बांसगांव के भैंसारानी गांव का रहने वाला बुजुर्ग चित्रकूट अपने पूरे परिवार के साथ दिल्ली में रहता है. वह सफदरजंग इलाके में कपड़ा धुलाई का काम करता है. लिवर में समस्या की वजह से उसका दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल में इलाज चल रहा था. लॉकडाउन में उसने 23 हजार रुपये देकर एक प्राइवेट एंबुलेंस से अपनी पत्नी, दो बेटी संगीता (35), सरिता (32) और तीन साल के नाती के साथ 29 अप्रैल को गांव लौटा था.
जिसकी जानकारी मिलने के बाद पुलिस ने उसे सीधे अस्पताल भेजा. जहां पर परिवार को क्वारंटाइन करने के बाद सभी के सैंपल लिए गए. चित्रकूट के साथ आई उसकी बेटी टेस्ट में कोरोना पॉजिटिव पाई गई है.
उन्होंने आगे बताया कि इसके पहले दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल से लिवर का इलाज कराकर उरुवा इलाके के हाटा बुजुर्ग के असिलाभार गांव पहुंचा एक शख्स भी कोरोना पॉजिटिव पाया गया था.
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