गोरखपुरः सीएम आदित्यनाथ के दूसरे कार्यकाल में गोरखपुर भी इंडस्ट्री हब बनने की ओर अग्रसर है. गोरखपुर इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट अथॉरिटी (GIDA) इस बदलाव में बड़ी भूमिका निभा रही है. अथॉरिटी के पास 13135 एकड़ का लैंड बैंक मौजूद है. इसके अलावा 320 एकड़ जमीन खरीदने की तैयारी पूरी हो गई है. आने वाले समय में गोरखपुर में करीब दो हजार करोड़ के औद्योगिक निवेश की संभावना प्रबल हुई है. हाल ही में संपन्न हुए ग्राउंड ब्रेकिंग सेरेमनी के माध्यम से यहां पर कई तरह के उद्योगों के आने का रास्ता खुला है. इन इंडस्ट्रीज के प्रस्तावों को जल्द स्वीकृति मिल जाएगी. इंडस्ट्रियलिस्ट का मानना है कि गोरखपुर के औद्योगिक क्षेत्र को पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे से कनेक्ट करने का जो प्रारूप तैयार हुआ है, उससे इस क्षेत्र में लगने वाली इंडस्ट्री को बड़ा फायदा होगा. वह आसानी से नेशनल नेटवर्क से जुड़ जाएंगे.
बेहतरीन बुनियादी सुविधाओं के कारण गोरखपुर इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट अथॉरिटी (GIDA) निवेशकों की पसंद बन रही है. निवेशकों की रुचि को देखते हुए सरकार ने यहां होटल मैनेजमेंट, गारमेंट पार्क, प्लास्टिक पार्क, आईटी पार्क, फ्लैट्टेड फैक्ट्री के प्रपोजल को मूर्त रूप देने के लिए काम तेज कर दिया है. प्राइवेट सेक्टर के 6 बड़े निवेशकों ने यहां एक हजार करोड़ का निवेश का प्रस्ताव दिया है. इसके अलावा करीब 21 उद्योगपति भी यहां तीन से पांच करोड़ का निवेश करेंगे. यही नहीं गोरखपुर लिंक एक्सप्रेस-वे के दोनों और बनने वाले औद्योगिक गलियारे, धुरियापार की औद्योगिक टाउनशिप समेत अन्य योजनाओं के कारण आने वाले 5 साल में उत्तर भारत का दूसरा नोएडा बन सकता है. चेंबर ऑफ इंडस्ट्रीज के पूर्व अध्यक्ष सुरेंद्र अग्रवाल ने बताया कि निश्चित रूप से गीडा विकास और उद्योगों की स्थापना को लेकर जिस तरह से कदमताल कर रहा है वह एक सुनहरे भविष्य की ओर इस क्षेत्र को लेकर जा रहा है. ट्रांसपोर्टेशन की दृष्टि से लिंक एक्सप्रेस-वे, पूर्वांचल एक्सप्रेसवे, या फिर पूर्वोत्तर रेलवे के हेड क्वॉर्टर के साथ एयर कनेक्टिविटी का मामला विकास का आधार बन रही है.