गाजियाबादः लालकुआं इलाके में देर रात कई मजदूर पलायन करते दिखाई दिए, जिन्हें पुलिस ने रोक लिया. रात का फायदा उठाकर ये दिल्ली-यूपी की सीमा से गाजियाबाद पहुंचे थे. इन मजदूरों ने कहा कि कोरोना से बड़ा खतरा इस समय उनके लिए भूख-प्यास बन गई है. इसलिए वे किसी भी हालत में अपने घर जाना चाहते हैं. लालकुआं पर रोके जाने के बाद मजदूर नेशनल हाईवे-9 के किनारे बैठ गए.
गाजियाबादः पुलिस और धूप से बचने के लिए रात में पलायन कर रहे मजदूर
राजधानी दिल्ली और एनसीआर से प्रवासी मजदूरों का पलायन लगातार जारी है. वहीं अब मजदूर धूप और पुलिस से बचने के लिए रात में पलायन करने लगे हैं.
ज्यादातर मजदूर अब दिन की जगह रातों में पलायन कर रहे हैं. उन्हें लग रहा है कि रात के समय पुलिस से बचकर निकलना आसान होगा. वहीं इसकी एक वजह यह भी है कि दिन में चिलचिलाती हुई गर्मी हो रही है, जिससे वह रात के समय चल रहे हैं और दिन के समय किसी पेड़ की छांव में या कोई अन्य ठिकाना तलाश कर वहां बैठ जाते हैं.
दरअसल, मजदूरों को इस बात की गलत जानकारी मिल रही है कि यहां से बसें चल रही हैं, लेकिन यहां पहुंचने के बाद जब उन्हें बस नहीं मिल पाती है तो निराश हो जाते हैं. इससे पहले भी लालकुआं पर काफी लोगों का हुजूम इकट्ठा हो गया था, जिसके बाद यूपी सरकार ने उनके लिए बसों का इंतजाम किया था.