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9 साल से है इंतजार, आखिर कब लगेंगे गलियों में बिजली के तार - Uproar

मुरादनगर के बालाजी कॉलोनी में रहने वाले स्थानीय निवासियों को 9 साल से इंतजार है कि उनकी गली में आखिर कब बिजली के तार लगेंगे, जिससे कि उनको घर के पास आसानी से बिजली मिल सके. स्थानीय लोगों का कहना है कि काफी बार शिकायत करने के बावजूद भी उनकी समस्या का समाधान नहीं हो रहा है.

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बिजली के तार लगाने की मांग करते स्थानीय निवासी.

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Published : Jun 12, 2020, 10:33 AM IST

गाजियाबाद: राजधानी दिल्ली से सटे गाजियाबाद के मुरादनगर के उखलारसी गांव में बालाजी कॉलोनी में काफी लंबे समय से बिजली के खंबे तो लगे हुए हैं, लेकिन उन पर न ही तार है और न बिजली के बॉक्स लगाए गए हैं. इसकी वजह से वहां रहने वाले लोगों को 9 साल से भी अधिक समय से दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है.

बिजली के तार लगाने की मांग.

वहीं लोगों को अपने घर में बिजली का कनेक्शन लेने के लिए 1000 मीटर से भी ज्यादा दूर लगे हुए बिजली के खंभे पर केबल लेकर जाना पड़ता है, जिसमें उनका काफी खर्चा भी होता है और परेशानियों का भी सामना करना पड़ता है. इसी को लेकर ईटीवी भारत ने बालाजी कॉलोनी के लोगों से बातचीत की.

'एक किमी दूर बिजली का खंभा लगा हुआ है'
ईटीवी भारत को स्थानीय निवासी मोतीलाल ने बताया कि वह बालाजी कॉलोनी में 9 साल से रहे हैं. उनका कहना है कि एक किलोमीटर दूर बिजली का खंभा लगा हुआ है. जिस कारण उनको अपने घर पर बिजली का कनेक्शन लेने के लिए 200 मीटर से भी केबिन लेना पड़ा है. वहां1खंभा भी लगवाने के लिए उन्होंने चंदा इकट्ठा किया है. घर के पास तार लगवाने के लिए 9 साल से उनकी कोई सुनवाई नहीं हो रही है.

स्थानीय निवासी राज कुमार ने बताया कि 2009 से जब से यह कॉलोनी बसी है और अब तक वह क्षेत्रीय नेता, नगर पालिका परिषद, सभासद अपनी से शिकायत कर चुके हैं, लेकिन अभी तक उनकी सुनवाई नहीं हो सकी है. साथ ही इसकी उन्होंने काफी बार जनसुनवाई पोर्टल पर भी शिकायत की हुई है फिर भी उनकी समस्या का समाधान नहीं हो रहा है.

'बिजली विभाग उल्टा पैसों की करता है मांग'
इसके साथ ही उन्होंने बताया कि वह क्षेत्रीय नेता से लेकर पूर्व विधायक तक को इसकी शिकायत कर चुके हैं. कुल मिलाकर अब तक 20 से अधिक शिकायतें अधिकारियों के बीच पहुंचा चुके हैं, लेकिन समस्या का समाधान करने की बजाय बिजली विभाग उल्टा उनसे पैसों की मांग करता है, जिससे स्टीमेट बनाकर यहां पर बिजली के तार लगाए जा सकें. इसके साथ ही वहां मौजूद स्थानीय महिलाओं का कहना है कि वह भी काफी बार अपनी शिकायतों को लेकर बिजली घर जाती हैं, लेकिन उनकी शिकायत को सुनकर उन्हें वापस भेज दिया जाता है.

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