फतेहपुर: जिले बारहवीं वाहिनी पीएसी परिसर में रहने वाले दो परिवारों में खूनी संघर्ष हो गया. इसमें एक पक्ष के छह व दूसरे पक्ष के चार लोगों समेत कुल 10 लोग गंभीर रूप से घायल हो गए. सभी को इलाज के लिए जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है. वहीं अधिकारी इस पूरे मामले पर चुप्पी साधे हुए हैं.
दो पक्षों के बीच हुआ खूनी संघर्ष
बारहवीं वाहिनी पीएसी परिसर में रहने वाली कुसुमा देवी और मेराज बानो के परिवार में खूनी संघर्ष हो गया. कुसुमा देवी के पति अनंतराम के देहांत के बाद पीएसी लाइन में फॉलोवर हैं. मेराज बानो के पति का भी सड़क हादसे में देहांत हो गया था.
जानिए पूरा मामला
कुसुमा देवी ने जानकारी देते हुए बताया कि उनका देवर प्रेम नारायण बाहर मच्छरदानी लगा रहा था. इसी बीच किसी बात पर मेराज बानो के परिवार वालों ने लाठी और कुल्हाड़ी से हमला बोल दिया. देवर को बचाने में वह लोग भी बाहर आ गई. वहीं हमले में कुसुमा देवी, देवर प्रेम नारायण, कुसुमा की बेटी सीलम, रीतू, नीतू का बेटा धीरज घायल हो गया.
वहीं दूसरे पक्ष मेराजबानो का कहना है कि पति की जगह उनकी बेटी या बेटे की नौकरी लगने वाली है, इसकी कुसुमा के परिवार को खुन्नस है. खाना खाने के बाद बेटा और बेटी सड़क पर टहल रहे थे, इसी बीच पीछे से कुसमा देवी के घरवालों ने हमला बोल दिया. वह लोग बचाव के लिए बाहर निकले. इसमें उनकी बेटी निशा, चमन और बेटा महफूज घायल हो गया.
घटना की सूचना मिलने पर सेनानायक एपी सिंह ने जिला अस्पताल पहुंचकर घायलों का हाल जाना. वहीं कोरोना के बढ़ते खतरे के मद्देनजर जारी लॉकडाउन में अनुशासन ही सर्वोपरि का नारा देने वाली पीएसी परिसर के अंदर झगड़े की वारदात कहीं न कहीं अधिकारियों की सचेतता पर प्रश्नचिन्ह खड़ा कर रही है.