बस्ती: जनपद में एक तरफ बाढ़ का कहर ग्रामीणों के घरों और खेतों को बर्बाद कर रहा है. वहीं अब सरयू नहर कटने से किसानों की 200 बीघा फसल जलमग्न हो गई है. निपनिया गांव में सरयू नहर भारी बारिश में कट गई. इससे किसानों के खेत में पानी भर जाने से धान और अन्य फसल जलमग्न हो गए हैं. किसानों ने फसल जलमग्न होने की सूचना सिंचाई विभाग के अधिकारियों को दी. सूचना के बाद भी नहर की मरम्मत नहीं कराई गई.
ग्रामीणों के 200 बीघा जमीन जलमग्न
हरैया क्षेत्र के निपनिया गांव से होकर गुजरने वाली सरयू नहर में पानी का दबाव बढ़ने से कटान शुरू हो गया. इससे आसपास सैकड़ों बीघा खेत जलमग्न हो गए. किसानों की फसल पानी में डूब गई है. इस वजह से किसानों के चेहरे में मायूसी छा गई है. नहर का पानी इसके अलावा अन्य गांव को भी अपने चपेट में ले लिया है. ग्रामीणों को नहर कटने की आशंका पहले से ही थी, इसलिए निपानिया के लोगों ने एसडीएम कार्यालय में प्रार्थना पत्र देकर स्थिति के बारे में जानकारी दी थी.
बस्ती: नहर कटने से 200 बीघा फसल जलमग्न - सरयू नहर कटने से खेत में भरा पानी
यूपी के बस्ती में सरयू नहर कटने से किसानों की 200 बीघा फसल डूब गई है. ग्रामीणों को नहर कटने की आशंका पहले से ही थी, इसलिए निपानिया के लोगों ने एसडीएम कार्यालय में प्रार्थना पत्र देकर स्थिति की जानकारी दी थी. सूचना के बाद भी नहर की मरम्मत नहीं कराई गई.

किसानों की शिकायत के बाद भी प्रशासन और संबंधित विभाग ने इस ओर ध्यान नहीं दिया. नहर में पानी अधिक होने के चलते कई जगहों पर ओवरफ्लो हो रहा था. मगर बचाव न होने के चलते स्थिति बिगड़ गई. ग्रामीणों के अनुसार लगभग 200 बीघा फसल जलमग्न हो गई है. फसल खराब होने के बाद प्रशासन ने मरम्मत का काम शुरू करा दिया है.
लगातार हो रही बरसात से सरयू नदी उफान पर आ चुकी है. इसके साथ ही खतरे के निशान को भी लांघ चुकी है. इससे नदी के तटवर्ती गांवों में बाढ़ का खतरा मंडरा रहा है. ग्रामीणों में दहशत की स्थिति है. साथ ही नदी का विकराल रूप देख प्रशासन भी सक्रिय हो उठा है.