बाराबंकी:औद्योगिक विकास की समस्याओं पर चर्चा और छोटे उद्यमियों को प्लेटफार्म मुहैया कराने के मकसद से बाराबंकी में उद्यम समागम और एक जनपद-एक उत्पाद प्रदर्शनी का आयोजन किया गया. दो दिनों तक चले इस कार्यक्रम में 100 स्टाल लगाए गए थे. इस कार्यक्रम में गैर कृषि क्षेत्र के विकास में बैंकिंग सेक्टर का योगदान, प्रमुख बाधाएं और निदान जिले के हथकरघा उद्योग की वर्तमान स्थिति पर चर्चा की गई.
बाराबंकी: दो दिवसीय उद्यम समागम का आयोजन, उत्पादों की लगाई गई प्रदर्शनी. - weaver conference in barabanki
उत्तर प्रदेश के बाराबंकी में हुए दो दिवसीय उद्यम समागम और एक जनपद एक उत्पाद प्रदर्शनी में हस्तशिल्पियों और बुनकरों ने अपने उत्पादों की प्रदर्शनी लगाई. वहीं योजनाओं से जुड़ी तमाम जानकारियां भी हासिल की.
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दो दिवसीय उद्यम समागम का आयोजन किया गया
दो दिवसीय उद्यम समागम का आयोजन किया गया
जानें क्या है पूरा मामला-
- जिले में दो दिवसीय उद्यम समागम और एक जनपद एक उत्पाद प्रदर्शनी लगाई गई.
- इस कार्यक्रम में गैर कृषि क्षेत्र के विकास में बैंकिंग सेक्टर के योगदान पर चर्चा की गई.
- साथ ही इस प्रदर्शनी में योजनाओं से जुड़ी तमाम जानकारियां भी लोगों को दी गईं.
- प्रदर्शनी में बुनकरों का बैंकों द्वारा सहयोग नहीं करना और जीएसटी का दर्द खुलकर सामने आया.
- बुनकरों का कहना है कि बड़े व्यापारी लाभ ले रहे हैं, लेकिन छोटे बुनकर आज भी बदहाल हैं.
जिले में तकरीबन 55 हजार बुनकर हैं. अधिकांश बुनक हथकरघे से बुनाई का काम करते हैं. सरकार ने इनके द्वारा तैयार होने वाले स्टाल को वन डिस्ट्रिक्ट-वन प्रोडक्ट के रूप में चुना है. यहां का स्टाल विदेशों तक जाता है. बुनकरों को प्रोत्साहित करने के लिए उद्योग विभाग कई योजनाएं चला रहा है. शासन की मंशा है कि इनको प्रोत्साहित कर इस उद्योग को और बढ़ावा दिया.