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गंगा समग्र कार्यक्रम में बोले CM योगी, नमामि गंगे योजना ने भारत की नदी संस्कृति को किया पुनर्जीवित - मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के द्वारा शुरू किये गये नमामि गंगे का अभियान आजादी के बाद भारत की नदी संस्कृति को पुनर्जीवित करने की अहम योजना बनी. ये बाते रविवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने एक कार्यक्रम में कही.

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गंगा समग्र कार्यक्रम में बोले CM योगी

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Published : Apr 17, 2022, 7:40 PM IST

लखनऊः गंगा समग्र कार्यक्रम में सीएम योगी आदित्यनाथ (Chief Minister Yogi Adityanath) ने कहा कि नमामि गंगे योजना ने बारत की नदी संस्कृति को पुनर्जीवित किया है. यूपी को यमुना और मां गंगा का सबसे ज्यादा आशीर्वाद मिला है. आरएसएस की ओर से आयोजित गंगा समग्र कार्यक्रम में पहुंचे सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा कि 25 सौ किलोमीटर के अपने लंबे प्रवाह में पांच राज्य में से यूपी में यमुना और गंगा मां का सबसे ज्यादा आशीर्वाद है. मां गंगा से जुड़ी योजनाएं पहले भी बनती थी. 1986 में गंगा एक्शन प्लान का काम शुरू भी हुआ.

केंद्र और राज्य सरकारों को मिलाकर इस योजना से जुड़कर काम करना था. इस एक्शन प्लान में बिहार, बंगाल और उत्तर प्रदेश तीन राज्य थे. लेकिन नमामि गंगे योजना के पहले हमने जब गंगा नदी का मूल्यांकन किया तो पता चला की गंगा सर्वाधिक प्रदूषित है. उन्होंने कहा कि मुझे इस बात की खुशी है कि नमामि गंगे का ये अभियान यूपी में सफल हुआ है. उत्तर प्रदेश के कानपुर में गंगा की स्थिति पीड़ादायक थी. इसके जल में जीव नष्ट हो जाते थे.

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ

लगातार 100 साल से सीसामऊ से रोज 14 करोड़ लीटर सीवर इसमें गिरता था. लेकिन हमारी सरकार ने इस सीवर प्वाइंट को सेल्फी प्वाइंट में बदला. आज एक बूंद भी सीवर गंगा में नहीं गिरता है और जल के साथ जीव भी यहां सुरक्षित हैं. प्रयागराज के 2019 में आयोजित हुए कुंभ की सफलता की कहानी भी स्वच्छता और अविरल निर्मल गंगा की गाथा और गंगा के निर्मल अविरल से आचमन भी किया. उन्होंने कहा कि कोई भी योजना तब सफल होती है, जब सरकार के साथ समाज भी उसमें बढ़-चढ़कर हिस्सा लेता है. इस योजना की सफलता भी हमें तभी मिली जब समाज ने हमारा साथ दिया.

गंगा समग्र कार्यक्रम

सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा कि काशी में गंगा निर्मल दिखती है. आज गंगाजल आचमन और पूजा करने योग्य हो गया है. यहां डॉल्फिन भी दिखाई देती है. राज्य सरकार ने केंद्र सरकार की योजना को ध्यान में रखते हुए नदियों में कचरे के प्रवाह को रोकने का काम किया. जिसमें से अबतक 46 में से 25 का काम पूरा हो चुका है. 19 में काम चल रहा है और दो कार्य प्रगति पर हैं.

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ

उन्होंने कहा कि मुझे लगता है कोई भारतीय ऐसा नहीं होगा जो गांव का नाम लेकर आचमन न करता हो. आज सरकार के साथ समाज को भी एकजुट होकर काम करने की आवश्यकता है. उन्होंने कहा कि सिर्फ गंगा ही नहीं गंगा के साथ उसकी 10 सहयोगी नदियों को भी ध्यान में रखकर अपना योगदान देना चाहिए. सीएम ने कहा कि हम सबको नदियों में कूड़ा कचरा डालने से बचना होगा. आज नमामि गंगे की सफलता के पीछे लोगों का बहुत बड़ा सहयोग रहा है. हमारी सरकार लगातार इन नदियों के उत्थान पर कार्य कर रही है. ड्रेनेज और सीवर के लिए अलग से व्यवस्था की जा रही है. साल 2019 में गंगा परिषद बैठक में हमने गंगा यात्रा निकाली, जो बिजनौर से कानपुर और कानपुर से बिजनौर तक निकली.

सीएम ने कहा कि गंगा के उत्थान के साथ हम प्राकृतिक खेती और किसानों की मदद कर रहे हैं. गंगा के दोनों तटों पर बागवानी, गंगा नर्सरी, गंगा घाट, गंगा पार्क स्थापित हो चुके हैं. उन्होंने कहा कि सर्वाधिक प्रवाह यूपी में होने की वजह से आज हमारी सरकार ने दोनों तटों पर वृक्षारोपण, किसानों को फ्री में पौधा और 3 साल की सब्सिडी देने के कार्यक्रम तेजी से चल रहे हैं. जिसको हम निरंतर युद्ध स्तर पर बढ़ाने का कार्य कर रहे हैं.

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सीएम योगी ने कहा कि मेरी सभी से अपील है कि समाज गंगा की धारा को निर्मल और अविरल बनाने में आगे आए. हमारी सरकार ने गंगा समिति का गठन जनपद और राज्य स्तर पर किया है. जिसके तहत लगातार कार्यक्रमों का आयोजन हो रहा है. इस अवसर पर भाजपा प्रदेश अध्यक्ष व जल शक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह ने कहा कि आने वाली पीढ़ी की चिंता करना राष्ट्र सेवा है और जल को बचाना हमारा धर्म है. जलशक्ति मंत्री के तौर पर काम करना कठिन है, हम समाज के सहयोग से इस काम को करेंगे. अंतिम व्यक्ति तक पानी पहुंचाने का लक्ष्य है.

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