पाली. जिले में मानसून ने भले ही देरी से दस्तक दी हो, मगर मानसून ने सभी जगह पेयजल की समस्या दूर कर दी है. लेकिन इस सबके बीच पाली के किसान अब इस बारिश से प्रभावित हो चुके हैं. जिले के सभी क्षेत्रों में खेतों में खड़ी फसलें समय के बाद हुई इस बारिश के कारण खराब होने लगी हैं. ऐसे में किसानों पर अब आर्थिक संकट मंडराने लगा है.
फसल खराबे के मुआवजे की मांग को लेकर किसानों ने किया विरोध प्रदर्शन इसके चलते सरकार पर किसानों ने अनसुनी का आरोप लगाते हुए सोमवार को जिला मुख्यालय पर प्रदर्शन कर विरोध जताया. किसानों ने भाजपा जनप्रतिनिधियों के साथ मिलकर जिला मुख्यालय पर अपने फसल खराबे को लेकर विरोध प्रदर्शन किया और सरकार से राहत देने के लिए मांग की.
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बता दें कि इस बार पाली जिले में मूंग, तिल व बाजरा की सभी जगह अच्छी बुवाई की गई थी. इस बार किसानों ने बुवाई के समय हुई बारिश के चलते अच्छी फसल उत्पादन की उम्मीद लगाई थी, लेकिन उसके बाद पाली जिले में मानसून दगा देने लगा और काफी समय तक मानसून की बारिश नहीं हुई.
20 अगस्त के बाद पाली में एक बार फिर से मानसून की बारिश शुरू हुई, लेकिन उस समय तक फसलों के भी जाना शुरू हो चुके थे. ऐसे में इस बारिश के चलते किसानों के खेतों में तैयार खड़ी फसलें खराब होना शुरू हो गई. पाली जिले के सभी हिस्सों में किसानों की फसल को मानसून बारिश के कारण खासा खराबा हुआ है.
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किसानों की खराब फसलों की सरकार की ओर से गिरदावरी शुरू नहीं कराई गई है. जिसके कारण किसानों पर आर्थिक संकट मंडराने लगा है. फसल खराबे की गिरदावरी जल्द करवा कर उन्हें मुआवजा मिल सके, इसको लेकर सोमवार को पाली जिले के सभी क्षेत्रों से किसानों ने जिला मुख्यालय पर प्रदर्शन कर विरोध दर्ज करवाया.