नागौर.जिले के ताऊसर गांव में गोचर भूमि से अतिक्रमण हटाने के दौरान उपजे विवाद में जेसीबी चालक की मौत और राजकार्य बाधा मामले में पहली पेशी हुई. मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट नागौर ने मामले से जुडे़ 24 आरोपियों को न्यायिक अभिरक्षा में भेजा दिया है. वहीं आरएलपी विधायक इंदिरा बावरी और पुखराज गर्ग के वकील भंवर लाल चौधरी ने दोनों विधायकों के होम क्वॉरेंटाइन होने का हवाला देकर न्यायालय के समक्ष अर्जी पेश की. दोनों कोर्ट में पेश नहीं हो सके.
कोतवाली थाने में दर्ज हुए अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई के दौरान राजकार्य बाधा, पथराव मामले में 16 आरोपियों को कोर्ट में पेश होने पर न्यायिक अभिरक्षा भेजा गया है. वहीं अतिक्रमण हटाने के दौरान JCB चालक फारूक की गैर इरादतन हत्या मामले में 8 आरोपियों के पेश होने के बाद न्यायिक अभिरक्षा में भेजा गया है. आरोपियों की ओर से पेश की गई जमानत अर्जी पर बहस के बाद जमानत अर्जी को खारिज कर दिया गया है. परिवादी पक्ष की ओर से पीर मोहम्मद ने पैरवी की तो आरोपी पक्ष की ओर से भंवर लाल चौधरी ने पैरवी की.
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