कोटा.भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) के कार्मिकों और सीआई वासुदेव पर मारपीट का आरोप लगा है. ये आरोप किसी और ने नहीं बल्कि बीते सालों में ट्रैप हुए बारां जिले के वन विभाग के रेंजर रवि नामा ने लगाया है. जवाहर नगर थाना पुलिस को दी शिकायत में उसने बताया कि एसीबी के निरीक्षक वासुदेव और कॉन्स्टेबल ने मनचाहा बयान लिखाने की कोशिश की. ऐसा नहीं करने पर उसके साथ मारपीट की गई. मारपीट में चोट लगने के बाद उसे मेडिकल कॉलेज अस्पताल में भर्ती किया गया था. जहां से उसे एमएलसी के लिए एमबीएस अस्पताल भेजा गया है. दूसरी तरफ एसीबी के अधिकारियों ने भी इस संबंध में जवाहर नगर थाने में शिकायत दी है. एसीबी ने किसी तरह की कोई मारपीट नहीं होने की बात कही है.
क्या था पूरा मामला:बारां जिले में तैनाती के समय रेंजर रवि नामा को भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो ने (ACB accused of beating forest department ranger in kota) रिश्वत लेते हुए पकड़ा था. इस मामले में रवि नामा जेल भी रह कर आया है. जेल से आने के बाद उसने भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो बारां के तत्कालीन निरीक्षक और वर्तमान में एसीबी बूंदी के पुलिस उप अधीक्षक ज्ञानचंद मीणा पर फर्जी ट्रैप करने का आरोप लगाया था. इस मामले में रवि नामा ने एसीबी डीजी को शिकायत भी दी. इसकी जांच भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो कोटा देहात की पुलिस अधीक्षक प्रेरणा शेखावत के पास है.
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ये लगाया आरोप:रवि नामा का कहना है कि उन्हें 8 अप्रैल दोपहर 1:30 बजे फोन कर सीएडी सर्किल स्थित एसीबी की चौकी पर बुलाया गया. वहां पर निरीक्षक वासुदेव ने उससे मनचाहा बयान लिखवाने और खाली कागज पर हस्ताक्षर कराने की कोशिश की. उसके बाद जब रवि ने लिखने से इनकार कर दिया और बाहर आने लगे, तभी कुछ कांस्टेबलों ने उन्हें पकड़ लिया. उसे वापस अंदर ले गए और निरीक्षक वासुदेव ने अन्य के साथ मिलकर मारपीट की. इसके अलावा उन्होंने रवि का फोन छीन कर उससे गाली-गलौच भी की. रवि नामा ने बताया कि इस दौरान निरीक्षक वासुदेव ने कहा कि डीजीपी साहब का आदेश है कि इस मामले में एसीबी की बदनामी हुई है, इसलिए इस मामले को खत्म करना है. तुम शिकायत वापस ले लो नहीं तो तुम्हें किसी केस में फिर फंसा देंगे.
हमनें किसी को नहीं मारा-एसीबी:एसीबी की अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक प्रेरणा शेखावत का कहना है कि आरोपी रवि ट्रैप हो चुका है. उसने शिकायत की थी जिसकी जांच के लिए हमने इसे पूछताछ के लिए बुलाया था. बयान ले रहे थे, तब ये कहने लगा कि आप विभाग का पक्ष ले रहे हो. हमने कहा सवाल पूछने का अधिकार है. इस पर बिफर गया और धमकी देकर चला गया. हमने किसी के साथ मारपीट नहीं की है.
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दोनों पक्षों की शिकायत पर जांच जारी:जवाहर नगर थाना अधिकारी रामकिशन का कहना है कि रेंजर रवि नामा ने एसीबी के अधिकारियों के खिलाफ मारपीट की रिपोर्ट लिखवाई है. जिसमें उसने बताया कि मुझे पूछताछ के बहाने से बुलाया, बयान लेते समय मुझपर दबाव बनाने लगे. मनचाहा बयान नहीं देने के कारण मेरे साथ मारपीट की गई है. इस मामले में रवि नामा की शिकायत पर जांच चल रही है. उसका मेडिकल मुआयना करवाया जा रहा है. दूसरी तरफ एसीबी के अधिकारियों ने भी रवि नामा के खिलाफ में रिपोर्ट दी है. उन्होंने कहा है कि रवि बयान देने के लिए आया और अधिकारियों से बकवास करने लगा. दोनों शिकायतों पर जांच की जा रही है.