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जोधपुर में वोटिंग के बाद रिजर्व EVM गायब, सेक्टर ऑफिसर सस्पेंड, यहां जानें पूरा मामला

जोधपुर में एक पोलिंग बूथ पर मतदान के बाद एक सेक्टर ऑफिसर की कार में रखी रिजर्व ईवीएम की चोरी का मामला सामने आया है. जिला कलेक्टर ने सेक्टर ऑफिसर को संस्पेंड कर दिया. साथ ही, उनके साथ लगे होमगार्ड की सेवाएं रद्द कर दी.

theft of reserve EVM
जोधपुर में कार से ईवीएम गायब

By ETV Bharat Rajasthan Team

Published : Nov 30, 2023, 9:25 AM IST

जोधपुर.25 नवंबर को जिला सहित प्रदेश भर विधानसभा चुनाव हुआ था. इस दौरान शहर विधानसभा क्षेत्र के एक सेक्टर ऑफिसर की कार से रिजर्व ईवीएम कंट्रोल यूनिट के गायब होने का मामला सामने आया है. इस घटना पर चुनाव आयोग के निर्देश पर जिला कलेक्टर और निर्वाचन अधिकारी हिमांशु गुप्ता ने संज्ञान लिया और पॉलिटेक्निक कॉलेज के शिक्षक सेक्टर ऑफिसर पंकज जाखड़ को तुरंत प्रभाव से सस्पेंड कर दिया. इसके अलावा उनके साथ वाले होमगार्ड की सेवाएं भी समाप्त कर दी गई है.

25 नवंबर को मतदान के बाद रात को जब सेक्टर ऑफिसर को गाड़ी में ईवीएम नहीं मिली तो उनकी ओर से उदयमंदिर थाने में ईवीएम गुमशुदगी का मामला दर्ज करवाया गया था. गनीमत रही कि रिजर्व कंट्रोल यूनिट का कहीं पर भी उपयोग नहीं हुआ, अन्यथा निर्वाचन विभाग की परेशानी और ज्यादा बढ़ जाती.

प्राप्त जानकारी के अनुसार 25 नवंबर को सेक्टर ऑफिसर पंकज जाखड़ के अधीन पीडब्ल्यूडी ऑफिस और सेंट पैट्रिक स्कूल के मतदान केंद्र थे. सुबह 5 बजे से रात 8 बजे तक मशीन का उपयोग नहीं हुआ, लेकिन जब रात को पॉलिटेक्निक कॉलेज में मशीन वापस जमा करवानी थी. उस समय गाड़ी में ईवीएम नहीं मिली. इससे अधिकारियों की सांसें फूल गई. इसके बाद जोधपुर शहर विधानसभा के रिटर्निंग अधिकारी चंपालाल ने जिला निर्वाचन अधिकारी को इसकी सूचना दी. यह सूचना राज्य निर्वाचन विभाग जयपुर को दी गई. चंपालाल ने बताया कि राज्य निर्वाचन आयोग के निर्देश पर हिमांशु गुप्ता ने 26 नवंबर को लापरवाही बरतने पर पंकज जाखड़ को सस्पेंड कर दिया.

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पुलिस प्रशासन ने छुपाया मामला :पंकज जाखड़ ने 26 नवंबर को ईवीएम गायब होने की रिपोर्ट उदय मंदिर थाने में दर्ज करवा दी थी, लेकिन पुलिस ने अपने प्रतिदिन दर्ज होने वाले मामलों के जारी होने वाले विवरण में इसकी सूचना सार्वजनिक नहीं की. इतना ही नहीं, जिला प्रशासन ने भी सस्पेंड करने की सूचना भी तीन दिन तक दबाए रखी, जिससे कि विभाग और अधिकारी की बदनामी नहीं हो.

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