जोधपुर:ऑल इंडिया एंटी टेरेरिस्ट फ्रंट (All India Anti Terrorist Front) के अध्यक्ष एमएस बिट्टा ने पीएफआई व उसके सहयोगी संगठनों पर लगे 5 साल के प्रतिबंध के फैसले का स्वागत किया. साथ ही उन्होंने केंद्र की मोदी सरकार की जमकर सराहना (Bitta welcomes ban on PFI)की. बुधवार को जोधपुर आए बिट्टा ने कहा कि आतंकवाद का कोई धर्म नहीं होता है, जो लोग पाकिस्तान और आईएसआई के इशारे पर इस देश को तोड़ने की साजिश कर रहे हैं, वो कभी भी कामयाब नहीं होंगे. साथ ही केंद्र की मोदी सरकार की तारीख करते हुए उन्होंने कहा कि इस सरकार ने कभी भी समझौतावादी रवैया अख्तियार नहीं किया है. यही कारण है कि आज देश तोड़ने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा रही है.
PFI पर 5 साल का बैन: भारत कोई धर्मशाला नहीं, अब देश तोड़ने वालों के खिलाफ होगी सख्त कार्रवाई: बिट्टा - ETV Bharat Rajasthan News
अखिल भारतीय आतंकवाद विरोधी मोर्चा (All India Anti Terrorist Front) के अध्यक्ष एमएस बिट्टा ने पीएफआई व उसके सहयोगी संगठनों पर लगे 5 साल के प्रतिबंध का स्वागत किया. साथ ही उन्होंने कहा कि भारत कोई धर्मशाला नहीं है, जहां कोई भी मुंह उठाकर आतंक फैलाने के लिए चला आए और हम कार्रवाई न करें...
बिट्टा ने कहा कि पीएफआई की सारी फंडिंग विदेश से होती (PFI used to have foreign funding) थी. देश में कई ऐसे सामाजिक संगठन है, जिनकों विदेश से पैसे आ रहे हैं. लेकिन मोदी सरकार के आने के बाद ऐसे ज्यादातर संगठनों के खिलाफ कार्रवाई हो रही है. उन्होंने आगे कहा कि जिस संगठन पर बैन लगा है, उनके नेताओं से पूछना चाहता हूं कि क्या ऐसे लोग कभी सीमा पर शहीद होने वाले किसी सैनिक के घर गए हैं. उनके परिवार को सहारा दिया है, जो विदेशों से फंड आते हैं उससे उनकी मदद की है. ऐसे लोग अफजल के लिए कसाब जैसों के लिए खड़े होते हैं, जो बेगुनाहों का खून बहाते हैं. उनके लिए लड़ते हैं और जब आतंकियों को सजा होती है तो ह्यूमन राइट चलाने वाले सामने आ जाते हैं.
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बिट्टा यही नहीं रुके आगे उन्होंने कहा कि हमारा देश कोई धर्मशाला नहीं है. यहां देश तोड़ने वाले कभी बांग्लादेश से चले आते हैं तो कभी नेपाल के रास्ता प्रवेश कर जाते हैं. लेकिन अब किसी को बख्शा नहीं जाएगा. हर गुनाहगार के खिलाफ कार्रवाई होगी. उसे उसकी करनी सजा दी जाएगी.