जालोर. बाड़मेर जिले से नेहड़ क्षेत्र के रास्ते जालोर जिले में घुसी टिड्डी पर प्रशासन के लाख उपाय के बावजूद यह जिले के 3 उपखंड क्षेत्र में फैल गई है और रबी की फसल में भारी तबाही मचा रही है. किसानों की आंखों के सामने टिड्डी का झुंड रबी की फसल को चंद मिनटों में ही नष्ट कर रहा है. जिसके कारण कई किसान बेहाल है. वहीं कई जगह लाखों रुपए कर्ज लेकर बोई रबी की फसल को बर्बाद होते देखकर किसान खुद का आपा खो रहे हैं.
सांचोर उपखण्ड क्षेत्र में एक किसान ने टिड्डी को खेत से उड़ाने की कोशिश की, लेकिन सफल नहीं हो सका तो अपने ही घर में आग लगा दी थी. घर जलता देख कर आसपास के लोग भी दौड़ कर पहुंचे और दमकल वाहन को बुलाकर आग पर काबू पाया. इन सबके बावजूद प्रशासन टिड्डी पर नियंत्रण नहीं कर पा रहा है.
टिड्डी पर नियंत्रण करना संभव नहीं
टिड्डी बाड़मेर जिले से फसल को बर्बाद करती हुई जालोर जिले में प्रवेश कर गई. उस समय नेहड़ क्षेत्र में टिड्डी का पड़ाव मीठा खागला में था. तब कृषि विभाग के अधिकारियों ने टिड्डी नियंत्रण दल के अधिकारियों को अवगत करवाकर दवाई छिड़काव की कोशिश की थी. लेकिन, कंटीली झाड़ियां ज्यादा होने के कारण टिड्डी पर नियंत्रण नहीं हो सका. उसके बाद टिड्डी एक बार तो गुजरात की तरफ चली गई. बाद में हवा का रुख बदला तो गुजरात से वापस सांचोर की तरफ आ गई.
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अब सांचोर, चितलवाना व रानीवाड़ा उपखण्ड के गांवों में फैल गई. यह क्षेत्र पूरा रहवासी व पशुपालन का है. ऐसे में जहरीली दवाई का ज्यादा छिड़काव भी नहीं किया जा सकता. प्रशासन इसमें रिस्क लेकर जहरीली दवाई का छिड़काव करवाता है तो जनहानि या बड़े स्तर पर पशु-पक्षी इस जहरीली दवा के चपेट में आ सकते है. जिसके कारण अब प्रशासन बेबस होकर देख रहा है और टिड्डी किसानों के रबी की फसल बर्बाद कर रही है.