जयपुर. राज्यपाल के अभिभाषण पर राजस्थान विधानसभा में गुरुवार को मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने अपना जवाब प्रस्तुत किया. उन्होंने कुछ दिनों से शेयर बाजार में आ रही कमजोरी और अडानी कंपनी के शेयर टूटने की बात रखते हुए कहा कि यही कारण था कि मैं लगातार यह अपील प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से कर रहा था कि देश के कर्मचारियों का पूरा पैसा इस तरह से शेयर बाजार में न लगाएं क्योंकि अगर शेयर बाजार टूट गया तो कर्मचारियों का क्या होगा?
सीएम गहलोत ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इसका जवाब दें और जब तक इस बात का जवाब नहीं मिलता मैं उन्हें छोड़ने वाला नहीं हूं. मैंने उनसे भी बात की है और मेरा बस चलता तो उनके पास जाकर भी बात करता. गहलोत ने कहा कि सब लोगों ने मिलकर मुझे यहां मुख्यमंत्री पद पर बैठाया है. ऐसे में मैं उनसे बात जरूर करूंगा और कहूंगा कि आपको ओल्ड पेंशन स्कीम लागू करनी पड़ेगी चाहे आज करें या कल.
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गहलोत ने कहा कि ओपीएस लागू करने के बावजूद केंद्र हमारा पैसा नहीं दे रहा है, लेकिन चाहे हमें सुप्रीम कोर्ट जाना पड़े लेकिन हम हमारा पैसा वापस लेकर रहेंगे. उप नेता प्रतिपक्ष राजेंद्र राठौड़ ने कहा कि गहलोत ने एमओयू पर साइन किए हैं. मैं बता दूं कि यह पूर्व पीएम अटल बिहारी वाजपेई के समय डिक्लेअर हुआ था. हमारे वित्त मंत्री ने रेफरेंस दिया. आपकी सरकार के समय लागू हुआ और हमें उन नियमों को मानना ही था और हमने माना भी. गहलोत ने कहा कि ओपीएस के फैसले पर भारत सरकार को आगे आकर पुनर्विचार करना चाहिए और पूरे देश में इसे लागू करना चाहिए.
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ERCP को राष्ट्रीय परियोजना घोषित करने का मुद्दा भी उठा
इआरसीपी को लेकर मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दौसा में होने वाले दौरे के दौरान खुद जाकर सुझाव देने की बात कही. इस दौरान उन्होंने सदन में मौजूद लोगों से कहा कि यह आप लोगों के लिए बेहतरीन मौका है. दोसा केवल 1 घंटे का रास्ता है. राजस्थान से 25 सांसद जिताकर जनता ने भेजे हैं. ऐसे में यह मौका आपके लिए भी है कि इआरसीपी को राष्ट्रीय परियोजना घोषित करवाएं. गहलोत ने कहा चाहे तो हमें भी साथ ले चलें, हम वहां अलग से टेंट लगवा लेंगे. प्रधानमंत्री से इस बारे में बात भी कर लेंगे. उन्होंने कहा कि वसुंधरा राजे के समय वह प्रपोजल भेजा गया था. हम जाकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पुरानी बात याद दिलाएंगे.
गहलोत ने शेखावत पर किया हमला
मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने इस दौरान जल शक्ति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत पर भी हमला बोला. उन्होंने कहा कि ईआरसीपी को लेकर राजस्थान के जल शक्ति मंत्री 75 और 25% की बात कर सबको गुमराह कर रहे हैं. गहलोत ने कहा कि वैसे भी अब उनसे कोई उम्मीद नहीं कर सकते क्योंकि संजीवनी मामले में फंसते जा रहे हैं. संजीवनी क्रेडिट सोसायटी में पैसा लगाने वाले लोगों की क्या उनको चिंता नहीं होनी चाहिए? उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री आवास में अगर 70,75 ओर 80 साल के लोगों ने मुझसे शिकायत की है. लोगों के लाखों रुपए उसमें डूब गए है. वह पैसे हम कैसे वापस डलवाएं? गहलोत ने कहा कि संजीवनी क्रेडिट सोसायटी से जुड़े उनके लोग जेल में हैं. वह खुद अभियुक्त हैं और उनके परिवार के लोग भी अभियुक्त बन गए है लेकिन उनको चिंता नहीं है. यहां लोगों को गुमराह कर रहे हैं. गहलोत ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ऐसे लोगों को इतना बड़ा पोर्टफोलियो दे दिया है.