दौसा. 24 मई गुर्जर समाज के इतिहास में एक ऐसा दिन है, जिसे गुजर समाज के लोग कभी नहीं भूल सकते. 2008 में हुए गुर्जर आरक्षण आंदोलन में गुर्जर समाज के दर्जनों लोग शहीद हुए थे. जिसके चलते गुर्जर समाज के लोग 24 मई को शहीद दिवस के रूप में मनाते हैं और उस आंदोलन में शहीद हुए लोगों को श्रद्धा सुमन अर्पित करते हैं.
जिले के सिकंदरा में वर्ष 2008 में गुर्जर आंदोलन के दौरान पुलिस गुर्जर समाज ने कोविड-19 की गाइडलाइन की पालना के तहत अपने-अपने घरों से आंदोलन में मारे गए लोगों को श्रद्धांजलि दी. सिकंदरा में गुर्जर स्मारक पर प्रतिवर्ष 24 मई को श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया जाता हैं, लेकिन इस बार कोरोना की दूसरी लहर के बढ़ते प्रभाव के चलते गुर्जर समाज के पदाधिकारियों ने दो दिन पहले ही श्रद्धांजलि सभा के कार्यक्रम को स्थगित करने की घोषणा कर दी थी, इससे सिकंदरा में सभा स्थल पर सोमवार को गुर्जर समाज के लोग एकत्रित नहीं हुए.