चूरू.जिले में प्रयास संस्थान की ओर से रविवार को जिला मुख्यालय के सूचना केंद्र में 'किताब' समारोह आयोजित किया गया. जिसमें सामाजिक कार्यकर्ता और लेखक भंवर मेघवंशी ने सामाजिक परिदृश्य पर चर्चा की.
चूरू 'किताब' कार्यक्रम आयोजित इस दौरान मेघवंशी ने कहा, कि बाबा साहब ने कहा था, कि जातियों के विनाश से ही देश और समाज का समुचित विकास और समानतामूलक व्यवस्था की स्थापना हो सकती है. मेघवंशी ने कहा, कि हम अपनी जातियों को मजबूत करने में लगे रहते हैं.जबकि सच यह है, कि आपके विरोध में सबसे ज्यादा आपकी ही जाति के लोग होते हैं.
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उन्होंने कहा, कि सभी धर्मों में जाति की संरचना है, साथ ही धर्मांतरण के बाद भी जाति पीछा नहीं छोड़ती है. हम सभी को इस पर गंभीरता से सोचना पड़ेगा. वहीं हमारा लक्ष्य यह होना चाहिए, कि जाति धर्म के भेद खत्म हों और भारत एक श्रेष्ठ देश बने.
मेघवंशी ने यह भी कहा, कि हम इस मिट्टी में पैदा हुए और इसी मिट्टी में मिल जाएंगे. हमें यह नफरत का वातावरण खत्म करना है. साथ ही संवाद के जरिए अविश्वास खत्म होना चाहिए.
महिलाओं के सवालों का जवाब देते हुए मेघवंशी ने कहा, कि जाति ने सबसे ज्यादा औरतों को दबाया है. औरतों की जिंदगी में सब कुछ जाति तय करती है, उन्हें कैसा जीवन बिताना है.