चित्तौड़गढ़. कोरोना रोकथाम को लेकर चित्तौड़गढ़ जिला प्रशासन की ओर से निरंतर सुविधाओं का विस्तार किया जा रहा है. साथ ही प्रयास किया जा रहा है कि मरीजों के लिए ऑक्सीजन की कमी नहीं हो. इसी को लेकर जिला परिषद सीईओ ज्ञानमल खटीक ने आजोलिया का खेड़ा स्थित ऑक्सीजन प्लांट का निरीक्षण किया. निरीक्षण के दौरान सीईओ खटीक ने व्यवस्थाओं का जायजा लेकर प्लांट के मालिक को आवश्यक दिशा निर्देश दिए.
सीईओ ने कहा कि ऑक्सीजन हेतु चित्तौड़गढ़ जिले को पहली प्राथमिकता दी जाए. ताकि जिले में बढ़ते कोरोना संक्रमण के बीच मरीजों को कोई परेशानी न हो. इसके अलावा सीईओ खटीक ने कहा कि ऑक्सीजन गंभीर मरीजों के लिए जीवनदायिनी होती है.
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ऐसे में हम सभी का कर्तव्य है कि हम निरंतर ऑक्सीजन की सप्लाई सुनिश्चित करते रहे. इस दौरान प्लांट के मालिक शंकर जाट से सीईओ खटीक ने महत्वपूर्ण बिंदुओं पर चर्चा कर आवश्यक निर्देश दिए.
चित्तौड़गढ़ में मुख्य कार्यकारी अधिकारी ने किया रक्तिया बावजी भैरुनाथ मन्दिर, भटवाड़ा खुर्द, ग्राम पंचायत कांटी का निरीक्षण..
चित्तौड़गढ़ में जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी ज्ञानमल खटीक की ओर से रक्तिया बावजी भैरुनाथ मन्दिर, भटवाड़ा खुर्द, ग्राम पंचायत कांटी का निरीक्षण किया गया. निरीक्षण के दौरान देखा गया कि मंदिर के बाहर ताला लगा हुआ था और कोरोना गाइडलाइन का पूरा पालन किया जा रहा था. जिला परिषद सीईओ ने इसी प्रकार से गाइडलाइन का निरंतर पालन करते रहने की अपील की.
इसके साथ ही मंदिर के पुजारी ने बताया कि धार्मिक स्थलों को बन्द रखने के निर्देश प्राप्त होने के बाद से ही मंदिर बन्द रखा गया है और कोरोना के प्रति लोगों को निरन्तर जागरूक भी किया जा रहा है. साथ ही ग्राम पंचायत नारेला में चल रहे नरेगा कार्य का निरीक्षण किया गया. जिसमें 50 श्रमिकों के मस्टरोल पर 34 श्रमिक उपस्थित पाए गए. सीईओ खटीक ने श्रमिकों हेतु छाया-पानी और सैनिटाइजर की व्यवस्था बनाए रखने हेतु निर्देशित किया गया.