सिवाना (बाड़मेर).कस्बे में लंबे समय से पानी की समस्या से जूझते ग्रामीणों का आखिरकार धैर्य टूट गया. समस्या समाधान के लिए ग्रामीणों ने 'पानी नहीं तो वोट नहीं' देने की बात कहते हुए बैठक कर मुख्यमंत्री के नाम तहसीलदार के ज्ञापन सौंपा. संघर्ष समिति ने इससे पहले अंहिसात्मक रूप से नहरी पानी की मांग को लेकर सिवाना कस्बे के बस स्टैंड से उपखंड कार्यालय तक मौन रैली निकाली.
लोगों ने किया संघर्ष समिति का गठन
बता दें कि इससे पहले बैठक में उपस्थित छतीस कौम के लोगों ने संघर्ष समिति का गठन किया गया. वहीं कमेटी के निर्णय के अनुसार आमजन की ओर से सोमवार को उपखंड अधिकारी के नाम पानी की समस्या के समाधान के लिए ज्ञापन दिया. ज्ञापन में प्रशासन को 15 दिन में समस्या समाधान के लिए समय सीमा दी गयी है. इस दौरान प्रशासन की तरफ से कोई हल नहीं होने की स्थिति में कस्बे में अनिश्चितकालीन कस्बा बंद और धरना प्रदर्शन कर पंचायती राज चुनाव का बहिष्कार करने की बात कही है.
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5 सालों से पानी की किल्लत बरकरार
बता दें कि बाड़मेर जिले में सिवाना कस्बे में करीब 5 वर्षों से पानी की किल्लत बनी हुई है. सिवाना क्षेत्र विधानसभा क्षेत्र होने के साथ ही उपखण्ड मुख्यालय है. जहां करीब 40 हजार से अधिक की आबादी है. फिर भी सिवाना क्षेत्र में पानी की समस्या बनी हुई है. वहीं ज्ञापन में बताया की क्षेत्र का भूजल स्तर रसातल में पहुंच जाने के कारण जलदाय विभाग, सिवाना की ओर से खुदवाई हुई सभी ट्यूबवेलों में पानी का स्तर लगभग समाप्त हो गया है. वर्तमान सर्दी के मौसम होने के बावजूद भी महीने में सिर्फ एक दो बार ही पानी की सप्लाई दी जाती है. जो दैनिक उपयोग के लिए अपर्याप्त है. वहीं लोगों ने ये भी बताया कि जब आम लोग विभाग को अपनी समस्या बताने जाते है तो विभाग के कर्मचारियों और अधिकारियों का कहना रहता है कि क्षेत्र में पानी नहीं है. तो कहां से उपलब्ध करवाएं.