अलवर.जिले में एक बार फिर से रैपिड रेल प्रोजेक्ट की सुगबुगाहट शुरू हो गई है. बीते दिनों देश में पहली रीजनल रैपिड ट्रांसिट सिस्टम (RRTS) ट्रेन के प्रथम लुक का अनावरण किया गया. यह ट्रेन 180 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से अलवर रूट पर दौड़ सकेगी. 2025 के बाद इस ट्रेन के अलवर पहुंचने की उम्मीद की जा रही है. दिल्ली से तीसरे चरण में यह ट्रेन अलवर पहुंचेगी.
अलवर में कई सालों से रीजनल रैपिड ट्रांसिट सिस्टम (आरआरटीएस) ट्रेन आने की हलचल चल रही है. कई सरकारें आई और चली गई लेकिन यह प्रोजेक्ट फाइल से बाहर नहीं निकल पाया. हालांकि, दिल्ली मेरठ रोड पर काम शुरू हो चुका है. वहीं अलवर रुट की डीपीआर कई बार बदल चुकी है.
इसके रूट में भी कई बार बदलाव हुए हैं. शुरुआत में यह ट्रेन दिल्ली से अलवर आनी थी लेकिन केंद्र में सरकार बदलने के बाद इसका रूट दिल्ली से जयपुर कर दिया गया. कुछ साल पहले इसके रूट में फिर से बदलाव हुआ. दिल्ली से अलवर वायासोतानाला बहरोड़ होते हुए खैरथल और खैरथल से अलवर लाने की योजना तैयार की गई.
यह ट्रेन 180 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से अलवर रोड पर दौड़ सकेगी. उसके हिसाब से ट्रेन का डिजाइन तैयार किया गया है. इस ट्रेन के 2025 के बाद अलवर पहुंचने की संभावना की जा रही है. दूसरे चरण में अलवर के शाहजहांपुर से होते हुए बहरोड़, सोतानाला तक पहुंचेगी. फिर तीसरे चरण में खैरथल से अलवर ट्रेन आएगी. 80 किलोमीटर लंबे दिल्ली, गाजियाबाद, मेरठ रूट शुरू होने में खासा समय लग गया. हालांकि, मेरठ रोड पर तेजी से काम शुरू हो चुका है.
मेरठ रूट पर ट्रेन शुरू होने के बाद 60 मिनट में यह सफर पूरा हो सकेगा. साहिबाबाद से शताब्दी नगर गाजियाबाद साहिबाबाद दुहाई आरआरटीएस स्टेशन का निर्माण कार्य पूरे जोरों पर है. 17 किलोमीटर लंबे प्राथमिक खंड पर परिचालन 2023 से प्रस्तावित है. जबकि पूरे कॉरिडोर को 2025 में जनता के लिए खोल दिया जाएगा.