बानसूर (अलवर). क्षेत्र के गांव नांगललाखा में हाईकोर्ट के आदेशानुसार 1100 बीघा जमीन से अतिक्रमण हटाने (encroachment removal case in bansur alwar) तथा प्रशासन पर हमले के बाद का गांव में सन्नाटा पसरा हुआ है. गांव में जयादातर घरों पर ताले लगे हुए हैं. इस संबंध में पूर्व मंत्री रोहिताश्व शर्मा गांव नांगललाखा पहुंचे और ग्रामीणों से मुलाकात की. उन्होंने गांव के हालात के बारे में जानकारी ली.
इस दौरान ग्रामीणों ने बताया कि पिछले 20 दिन से गांव के लोग डरे तथा सहमे हुए हैं. पढ़ने वाले बच्चे भी गांव में नहीं हैं. महिलाएं खेतों में सो रह रही हैं. पुलिस के डर से गांव में सन्नाटा पसरा हुआ है. इस पर पूर्व मंत्री ने उच्च अधिकारियों से वार्ता कर बच्चों के भविष्य के हित में गांव में आने के लिए कहा. जिससे गांव में पढ़ने वाले बच्चों का भविष्य खराब नहीं हो.
encroachment removal case in bansur alwar पढ़ें. अतिक्रमण हटाने गई प्रशासनिक और पुलिस टीम पर पथराव, पटवारी का पैर फ्रेक्चर...तीन वाहन क्षतिग्रस्त
रोहिताश्व शर्मा ने कहा कि बानसूर प्रशासन ने फसल को रौंदकर अपराध किया है. बानसूर प्रशासन फसल को रौंदने के बजाए उसकी नीलामी कर सकता है. उन्होंने आरोप लगाया है कि प्रशासन ने गांव में अंग्रेजों के शासन की तरह तानाशाही की. साथ ही गरीब लोगों को धमकाया है जिससे ग्रामीण पुलिस प्रशासन के डर के चलते घरों पर ताला लगाकर चले गए.
प्रशासन ने 5 मार्च को नांगल लाखा गांव में सरकारी भूमि पर अतिक्रमण हटाने पहुंचा था. इस दौरान ग्रामीणों के पथराव से सरकारी वाहन क्षतिग्रस्त हो गए थे. वहीं एक पटवारी का पैर फ्रैक्चर हो गया था. उसी के चलते प्रशासन ने ग्रामीणों के खिलाफ कई मामलों में रिपोर्ट दर्ज की है. पुलिस बार-बार गांव में आरोपियों की पकड़ के लिए दबिश दे रही है. महिलाओं बच्चों सहित कई लोग अपने घरों को बंद कर अपनी रिश्तेदारी में चले गए हैं.