उदयपुर. जिले के गोडवा निवासी हितेंद्र गरासिया के शव को रूस से भारत लाने के लिए उनका परिवार पिछले 7 महीनों से संघर्ष कर रहा है. दर-दर भटकने के बाद परिवार दिल्ली के जंतर मंतर पर आंदोलन (protest on jantar mantar) कर रहा है. मृतक के मासूम बेटे, बेटी और पत्नी अब सरकार से पति का शव भारत मंगाने को लेकर गुहार लगा रही हैं.
7 महीने तक राष्ट्रपति कार्यालय, प्रधानमंत्री कार्यालय, दूतावास और अन्य जगह पर अपनी पीड़ा सुनाने के बाद राजस्थान हाईकोर्ट की शरण पहुंचे. न्यायालय ने कड़ी फटकार लगाने के बाद पूरे मामले की सुनवाई की और भारत सरकार से उनका पक्ष जाना. कोर्ट ने मृत व्यक्ति का शव रूस से भारत लाने के लिए और सम्मानजनक अंतिम संस्कार की बात कही थी.
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