JEE Advanced JIC Report, फीमेल कैंडिडेट्स की पसंद IIT इंदौर - जेईई एडवांस्ड की आयोजन एजेंसियां
ज्वाइंट इंप्लीमेंटेशन कमेटी रिपोर्ट के अनुसार साल 2019 से लेकर 2021 के आंकड़ों बताते हैं कि फीमेल कैंडीडेट्स को इंदौर आईआईटी ज्यादा पसंद है. बीते तीन सालों में छात्राओं ने यहां ज्यादा प्रवेश लिया है.
फीमेल कैंडिडेट की पसंद इंदौर आईआईटी
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Published : Aug 25, 2022, 8:16 AM IST
कोटा. देश के 23 इंडियन इंस्टिट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (IITs) संस्थानों में संचालित बीटेक, इंटीग्रेटेड एमटेक और डुएल डिग्री कोर्स में प्रवेश को लेकर हर साल ज्वाइंट इंप्लीमेंटेशन कमेटी (जेआईसी) रिपोर्ट जारी की जाती है. बीते साल आयोजित हुई परीक्षा की जारी की गई रिपोर्ट के अनुसार साल 2019 से लेकर 2021 के आंकड़ों बताते हैं कि फीमेल कैंडीडेट्स को इंदौर आईआईटी ज्यादा पसंद है (Rajasthan In IIT). यहां पर छात्राओं ने ज्यादा प्रवेश बीते 3 सालों में लिया है. साफ है कि आईआईटी इंदौर की तरफ विशेष झुकाव है. फीमेल कैंडीडेट्स की पसंद को पैमाना मानें तो प्रवेश की तादाद और उनके बढ़ते रुझान की वजह से आईआईटी इंदौर बीते 3 सालों से लगातार नंबर 1 रहा है.
एजुकेशन एक्सपर्ट देव शर्मा ने बताया कि जेआईसी के आंकड़ों का विश्लेषण पर सामने आता है कि आईआईटी पटना और आईआईटी खड़गपुर में प्रवेश को लेकर फीमेल कैंडीडेट्स की रुचि कम है. बीते 3 सालों में आईआईटी खड़गपुर का स्थान अंतिम 3 आईआईटी में रहा जबकि राजस्थान में स्थित आईआईटी जोधपुर में प्रवेश को लेकर भी फीमेल कैंडीडेट्स की कोई विशेष रुचि नहीं है.
बीते 3 साल के आंकड़े:
साल
आईआईटी
स्थान
प्रवेश प्रतिशत
2019
इंदौर
प्रथम
20.86
2019
जम्मू
द्वितीय
20.66
2019
मंडी
तृतीय
20.21
2020
रोपड़
प्रथम
21.08
2020
इंदौर
द्वितीय
20.83
2020
पलक्कड़
तृतीय
20.74
2021
पलक्कड़
प्रथम
21.30
2021
गांधीनगर
द्वितीय
21.03
2021
इंदौर
तृतीय
20.78
फीमेल कैंडीडेट्स प्रवेश में Bottom 3 IITs:
2021 में आईआईटी पटना 16.61, खड़गपुर 17.73 और जोधपुर 18.37 फीसदी प्रवेश से अंतिम तीन रहे हैं.
2020 में आईआईटी पटना 16.63, आईआईटी खड़गपुर 17.87 और जोधपुर में 18.33 प्रतिशत छात्राओं ने ही प्रवेश लिया है.
2019 में आईआईटी गोवा में 16.67, धारवाड़ 16.79 और खड़गपुर 16.82 फीसदी छात्राएं प्रवेशित रही हैं.
हर साल 10 कोर्ट केस फिर रिजल्ट एंड एग्जाम ऑन टाइम: देव शर्मा ने बताया कि जेआईसी रिपोर्ट में ये भी बताया गया है कि बीते 3 सालों में कई कोर्ट केस जेईई एडवांस्ड प्रवेश परीक्षा के आयोजन, परिणाम काउंसलिंग और संस्थानों पर व्यक्तिगत या एजेंसी के जरिए हुए है. इसमें सामने आ रहा है कि हर साल 10 से ज्यादा मुकदमें अलग-अलग कोर्ट में हुए बावजूद इसके परीक्षा परिणाम से लेकर काउंसलिंग और किसी भी शेड्यूल में कोई बदलाव नहीं किया गया. इसमें सब कुछ सुव्यवस्थित और तय समय पर ही हुआ.
जेईई एडवांस्ड की आयोजन एजेंसियां आईआईटी रहती हैं. ये पहले से जारी किए गए शेड्यूल के अनुसार ही काम करती हैं. जिसमें रजिस्ट्रेशन से लेकर एडमिट कार्ड, एग्जाम और रिजल्ट के बाद काउंसलिंग तक शामिल है. रिपोर्ट के अनुसार साल 2019 में आईआईटी रुड़की ने परीक्षा करवाई थी, जिसमें 18 कोर्ट केस हुए थे. साल 2020 में आयोजन एजेंसी आईआईटी दिल्ली थी और 13 मामले न्यायालय पहुंचे थे. बीते साल 2021 में सर्वाधिक 23 मामले न्यायालय गए थे, इसकी आयोजन एजेंसी आईआईटी खड़गपुर थी.