कोटा.जिले में गेहूं की कालाबाजारी करने के आरोप में जिला रसद अधिकारी सहित तीन प्रवर्तन अधिकारी और सात राशन डीलर के खिलाफ एसीबी ने मामला दर्ज किया है. एसीबी की जांच में सामने आया है कि कालाबाजारी कर 44920 क्विंटल गेहूं को आरोपी अधिकारियों ने राशन डीलरों के साथ मिलकर खुर्दबुर्द कर दिया. इस गेहूं की कीमत करीब 6.5 करोड़ रुपए बताई जा रही है. एसीबी के मुकदमा दर्ज करने के बाद रसद विभाग में हड़कंप मचा हुआ है.
गेहूं की कालाबाजारी करने वाले अधिकारियों के खिलाफ एसीबी ने मामला दर्ज किया मामले के अनुसार 24 मई 2018 को एसीबी को एक शिकायत मिली थी, जिस पर एसीबी ने आकस्मिक कार्रवाई करते हुए रसद विभाग का रिकॉर्ड जप्त किया था. प्रकरण में जांच के दौरान एसीबी के सामने बेहद चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं. एसीबी के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक ठाकुर चंद्रशील कुमार ने बताया कि उनकी जांच में कुल 44920 क्विंटल गेहूं को बाहर इन अधिकारियों ने राशन डीलर के साथ मिलकर खुर्दबुर्द किया है.
कागजों में बांट दिया 44920 क्विंटल गेहूं
अधिकारियों ने 44920 क्विंटल गेहूं चुनिंदा दलाल राशन डीलर को ज्यादा दिया है. जबकि इसकी एंट्री ना तो पीओएस मशीन में थी, ना किसी रिकॉर्ड में की गई है. जबकि डीलर्स को दिए गए राशन कार्डों की तय मात्रा से कई गुना ज्यादा मात्रा में गेहूं इनको कागजों में बांट दिया गया था. इस कालाबाजारी से सरकार को जहां साढ़े छह करोड़ रुपए की हानि हुई है. वहीं सैकड़ों गरीबों के हक पर डाका डाला गया है.
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इनको बनाया है आरोपी
एसीबी ने तत्कालीन जिला रसद अधिकारी अशोक कुमार मीणा, रसद विभाग के प्रवर्तन अधिकारी संध्या सिन्हा, अमित शर्मा और अरविंद आचार्य सहित सात राशन डीलर के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है. जिन राशन डीलरों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है, उनमें दानमलजी का अहाता के मोहम्मद लईक, महात्मा गांधी कॉलोनी के ओमप्रकाश विजयवर्गीय, खेडली फाटक की फिरोजा बानो, सिविल लाइंस के राधेश्याम भारद्वाज, काला तालाब एरिया के रामचंद्र, खेडली फाटक एरिया के जलील अहमद और काला तालाब एरिया के बाबूलाल शामिल हैं.