जयपुर. बिजली संकट के बीच पिछले 2 दिनों से विद्युत की मांग और उपलब्धता में आई कमी से डिस्कॉम ने राहत की सांस ली थी. लेकिन यह राहत बुधवार को हवा होती नजर आई. दरअसल विंड एनर्जी के जरिए पिछले 2 दिनों से प्रदेश को जो 2500 से 2600 मेगावाट बिजली मिल रही थी. जिसमें एकाएक कमी आ (Wind generation decreased) गई. जिसके चलते अब वापस बिजली कटौती का रास्ता अपनाना पड़ेगा.
राजस्थान डिस्कॉम को हवाओं के जरिए पिछले 2 दिन से 2500 मेगावाट तक बिजली मिली है. लेकिन बुधवार को हवाओं का यह दौर रुका तो जनरेशन 500 मेगावाट से 100 मेगावाट तक सिमट कर रह गई. बुधवार सुबह तक विंड एनर्जी से मिल रही अतिरिक्त बिजली के चलते जयपुर सहित अन्य जिला मुख्यालयों पर नियमित 1 घंटे की बिजली आपूर्ति के बजाय 20 मिनट से 30 मिनट तक ही कटौती की गई थी. लेकिन अब फिर बिजली कटौती का दायरा पूर्व घोषित किया जा सकता है. अभी भी प्रदेश में बिजली की मांग और उपलब्धता में 1200 से 3000 मेगावाट तक का अंतर चल रहा है. वर्तमान में 2600 लाख यूनिट बिजली की डिमांड प्रतिदिन सामने आ रही है. जबकि पीक आवर्स में यह डिमांड 14000 मेगावाट तक पहुंच चुकी है.