जयपुर. राज्य सरकार ने जयपुर शहर में नजूल संपत्तियों का कब्जा लेने के लिए गठित समिति में सहायक पुलिस आयुक्त को सदस्य के रूप में सम्मिलित करने का निर्णय लिया है. मुख्यमंत्री ने इस संबंध में सामान्य प्रशासन संपदा विभाग की ओर से प्राप्त प्रस्ताव का अनुमोदन किया है. प्रस्ताव के अनुसार, नजूल संपत्तियों का कब्जा लेने के लिए संपदा निदेशालय ने अतिरिक्त जिला कलेक्टर प्रशासन, जयपुर की अध्यक्षता में समिति गठित की है.
जयपुर में पुलिस कमिश्नरेट प्रणाली के अस्तित्व में आने के बाद पुलिस उप अधीक्षक का पदनाम सहायक पुलिस आयुक्त हो गया है. इसलिए उक्त समिति के गठन में संशोधन कर पुलिस उप अधीक्षक के स्थान पर सहायक पुलिस आयुक्त को सदस्य के रूप में शामिल किया गया है. इसी तरह से मुख्यमंत्री गहलोत ने 16 विभिन्न नवसृजित और क्रमोन्नत तहसीलों व उप-तहसीलों को उप-जिला घोषित करते हुए उनमें नियुक्त तहसीलदारों और नायब तहसीलदारों को पंजीयन के अधिकार प्रदान करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी है.
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साथ ही इसके लिए अधिसूचना के प्रारूप का अनुमोदन किया है. इस प्रस्ताव के मंजूरी से इन क्षेत्रों के आमजन को दस्तावेजों के पंजीयन में सुविधा होगी. नवसृजित तहसील अरथूना, बांसवाड़ा, रायपुर-झालावाड़, सेखाला-जोधपुर और उप-तहसील से क्रमोन्नत तहसील उच्चैन-भरतपुर, पावटा-जयपुर, डग-झालावाड़, कानोड़-उदयपुर, देलवाड़ा-राजसमंद व नवसृजित उप-तहसील कनेरा-चित्तौड़गढ़, खेजरोली-जयपुर, सांकड़ा-जैसलमेर, कुड़ी भगतासनी-जोधपुर, मंडरेला-झुंझुनूं, राहूवास व भाण्डारेज-दौसा और खेरली मंडी-अलवर के तहसीलदारों व नायब तहसीलदारों को पंजीयन का अधिकार प्रदान किया जाएगा.
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प्रस्ताव के अनुसार चौमूं तहसील की उप-तहसील गोविंदगढ़ और नव-सृजित उप-तहसील खेजरोली में पंजीकृत होने वाले दस्तावेजों के पंजीयन की सुविधा उप-पंजीयक, चौमूं के कार्यालय में भी प्रदान की जाएगी. हालांकि गोविंदगढ़ और खेजरोली उप-तहसील के नायब तहसीलदार अपने-अपने क्षेत्र के दस्तावेजों का पंजीयन करने के लिए सक्षम होंगे.