जयपुर. पेट्रोल-डीजल के दाम (Petrol-Diesel Price Hike) लगातार बढ़ते जा रहे हैं और इस वजह से महंगाई भी आसमान छू रही है. महंगाई और पेट्रोल-डीजल के लगातार बढ़ते दामों के विरोध में शुक्रवार को कांग्रेस पार्टी की ओर से राजधानी जयपुर में कड़ा विरोध-प्रदर्शन किया गया. राजधानी जयपुर में जगह-जगह पर स्थित पेट्रोल पंपों पर कांग्रेस के नेताओं और कार्यकर्ताओं ने विरोध-प्रदर्शन करके पेट्रोल-डीजल के दामों में कमी करने की मांग केंद्र सरकार से की. पर इन सबके बीच एक सच ये भी है कि देश में पेट्रोल पर सबसे ज्यादा मूल्य वर्धित कर (VAT) राजस्थान सरकार (Rajasthan Government ) वसूल करती है. लेकिन अगर तेल पर कुछ टैक्स (TAX) कम हो जाए तो ऐसे त्राहिमाम से बचा जा सकता है. आइए समझते हैं तेल का पूरा खेल..
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दरअसल, पेट्रोलियम उत्पादों (Petroleum Products) पर सरकारों की ओर से लगाया जाने वाला कर वैट है. राजस्थान में पेट्रोल पर सर्वाधिक वैट वसूला जा रहा है. राज्य में पेट्रोल पर 36 प्रतिशत और डीजल पर 26 प्रतिशत वैट है. राज्य के श्रीगंगानगर जिले में तेल की आपूर्ति जयपुर ((Jaipur News) ) या जोधपुर (Jodhpur News) से होती है. अधिक दूरी की वजह से परिवहन खर्च ज्यादा हो जाता है. इसलिए पेट्रोल जयपुर में श्रीगंगानगर के मुकाबले चार रुपये सस्ता है. हालांकि पिछले दिनों राजस्थान सरकार ने जनता को अपनी तरफ से राहत देते हुए 2 प्रतिशत वैट में कटौती की थी.
केंद्र और राज्य सरकार को उठाने होंगे कदम