जयपुर. जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी द्वारा एक पैराटीचर को थप्पड़ मारने और अपहरण का प्रयास करने का मामला गुरुवार को तूल पकड़ गया. मामले में मुस्लिम परिषद संस्थान के अध्यक्ष यूनुस चोपदार के नेतृत्व में पीड़ित पैराटीचर अब्दुल हमीद व संगठन से जुड़े युवा शिक्षा संकुल स्थित अल्पसंख्यक मामलात निदेशालय जा पहुंचे. जहां निदेशक के दफ्तर के बाहर नारे लिखी तख्तियों के साथ धरना प्रदर्शन कर विरोध जताया और अल्पसंख्यक मामलात निदेशक जमील कुरैशी को भी खरी खोटी सुनाई.
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कुरैशी ने मामले की जांच आरएएस स्तर के अधिकारी से करवाने का फैसला लिया. परिषद पदाधिकारियों ने दोषी जिला अल्पसंख्यक अधिकारी को जांच होने तक एपीओ करने की मांग रखी. निदेशक ने वह मांग नहीं मानी, इस पर परिषद ने आरोप लगाया कि निदेशक कुरैशी अधिकारियों से मासिक उगाही करवाकर भ्रष्ट जिला अल्पसंख्यक अधिकारी को बचाने में लगे हुए हैं.
परिषद अध्यक्ष यूनुस चौपदार ने बताया कि निदेशालय ने जांच तो शुरू कर दी, लेकिन जिला अल्पसंख्यक अधिकारी को एपीओ नहीं किया. इससे आशंका है कि अधिकारी पद पर रहते हुए जांच को प्रभावित कर सकता है. विभाग के मंत्री सालेह मोहम्मद जयपुर से बाहर हैं, उनके आने के बाद मुलाकात कर मामले में बात रखी जाएगी.
उन्होंने आरोप अधिकारी से प्रताड़ित एक पैराटीचर ने मदरसे में फांसी खाकर आत्महत्या कर ली थी, लेकिन भ्रष्ट उच्चाधिकारियों ने उस समय भी उस अधिकारी को बचा लिया. वहीं एक और मामले में मासिक बंधी नहीं देने पर उस पैराटीचर को थप्पड़ मारने का भी आरोप लगाया. चौपदार ने चेतावनी दी है कि जल्द ही जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी और उसके दफ्तर में बैठे उसके साथियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई नहीं की गई तो बड़ा आंदोलन किया जाएगा.
मुस्लिम परिषद अध्यक्ष युनूस चौपदार की शिकायत पर जांच अधिकारी मदरसा बोर्ड सचिव हरिताभ कुमार आदित्य ने जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी शकील अहमद व पीड़ित पैराटीचर अब्दुल हमीद को 16 अप्रैल को उपस्थित होकर जांच मे अपना पक्ष रखने के निर्देश दिए.