जयपुर. प्रदेश में कोरोना अपना कहर बरपा रहा है. इसकी चपेट में प्रदेश के पूर्व चिकित्सा मंत्री और भाजपा के मौजूदा वरिष्ठ विधायक कालीचरण सराफ भी आ गए हैं. सर्दी, जुखाम के चलते कालीचरण सराफ ने अपना कोरोना टेस्ट करवाया था, जिसमें वे पॉजिटिव आए. इससे पहले भी कोरोना की दूसरी लहर में एक बार सराफ कोरोना संक्रमित हो चुके हैं.
फिलहाल सराफ मालवीय नगर स्थित अपने निवास पर चिकित्सकों के परामर्श के बाद क्वॉरेंटाइन हो उपचार करवा रहे हैं. बताया जा रहा है कि दो-तीन दिन पहले ही सराफ ने कोरोना से जुड़ा अपना टेस्ट करवाया था जिसकी रिपोर्ट पॉजिटिव आई. उनको सांस लेने में समस्या नहीं थी, लिहाजा डॉक्टरों की सलाह पर उन्होंने घर पर क्वॉरेंटाइन हो, उपचार कराना बेहतर समझा. वहीं, सराफ के बड़े बेटे आशीष सराफ और पोते की भी कोरोना रिपोर्ट पॉजिटिव आई है.
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पीएम सुरक्षा चूक मामले में सराफ ने पूछा यह सवाल
वहीं पंजाब में प्रधानमंत्री की सुरक्षा में हुई चूक के मामले में आए मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के बयान को सराफ ने दुर्भाग्यपूर्ण (Kalicharan Saraf on PM security breach in Punjab) बताया है. उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री पंजाब कांग्रेस सरकार की गलती पर पर्दा डालने की जगह राजस्थान में बिगड़ती कानून और कोरोना को संभाले तो बेहतर होगा.
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इस दौरान सराफ ने कांग्रेस पार्टी और मुख्यमंत्री से पूछा कि पंजाब के मुख्यमंत्री ने कहा था यह सब कुदरती था. तो क्या मुख्यमंत्री का फोन नहीं उठाना भी कुदरती था? कालीचरण ने पूछा रूट प्रधानमंत्री का लीक हुआ यह कुदरती था क्या? और प्रदर्शनकारियों का आंदोलन और पहले से वहां मौजूद होने के बावजूद उसके रूट को फॉल्स क्लीयरेंस दे दी गई, यह भी क्या कुदरती था?..सराफ ने कहा इसका भी जवाब कांग्रेस के नेता दे दे तो बेहतर होगा.