जयपुर:प्रदेश के शाला दर्पण पोर्टल से प्रेरित होकर मानव संसाधन विकास मंत्रालय ने देश भर के 15 लाख स्कूलों की जानकारी मुहैया करवाने के लिए 'शगुन' नामक स्कूल एजुकेशन पोर्टल लॉन्च किया है. इस पोर्टल से देश भर के 15 लाख स्कूलों को स्कूल की शिक्षा की जानकारी देने के लिए जोड़ा गया है.
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देशभर के 15 लाख स्कूलों के अलावा 25 करोड़ स्टूडेंट और 9 लाख शिक्षकों को भी पोर्टल से जोड़ा जा रहा है. पोर्टल से स्कूलों को जियो टैग किया गया है. स्कूलों की ओर से उपलब्ध कराए गए सभी डाटा को पोर्टल के माध्यम से प्राप्त किया जा सकता है. शगुन एक महत्वपूर्ण पहल और पोर्टल के माध्यम से 2.3 लाख से अधिक एजुकेशन वेबसाइट को एकीकृत किया जा सकता है.
एचआरडी अधिकारियों के अनुसार स्कूलों की ओर से उपलब्ध कराई जानकारी की सत्यता थर्ड पार्टी वेरिफिकेशन से जांच की जाएगी. इस पोर्टल से आमजन देश-विदेश में किसी भी स्थान से देश के हर कोने में स्थित स्कूल में होने वाली पढ़ाई से लेकर शिक्षा विभाग की विभिन्न योजनाओं की जानकारी तक प्राप्त कर सकते हैं.
इसी पोर्टल पर शाला दर्पण की तरह शिक्षकों की सैलेरी डिडक्शन, सैलेरी स्लिप भी शिक्षकों को मिल सकेगी. इसके लिए शिक्षकों को एक विशेष कोड दिया जा रहा है, जिससे वह इसकी जानकारी ले सकेंगे. साथ ही शिक्षकों के तबादलों से लेकर अन्य कार्यों की जानकारी भी अब शगुन पोर्टल से मिल सकेगी.
गौरतलब है कि भाजपा शासन में प्रदेश के शिक्षा मंत्री वासुदेव देवनानी की ओर से लांच किए गए शाला दर्पण एजुकेशन पोर्टल से प्रेरित होकर केंद्र सरकार में तत्कालीन मानव संसाधन विकास मंत्री प्रकाश जावड़ेकर सीबीएसई स्कूलों का पूरा डाटा एक ही स्थान पर एकत्रित करने के लिए योजना तैयार की थी. इस योजना के तहत देश के हर कोने से स्थित सीबीएसई बोर्ड के स्कूलों के शिक्षकों स्टूडेंट्स व समस्त स्कूलों के साथ वहां मौजूद संसाधनों की संपूर्ण जानकारी एक ही पोर्टल की जा रही थी.
इसी स्कूल एजुकेशन पोर्टल को अब मानव संसाधन विकास मंत्रालय के मंत्री रमेश पोखरियाल ने लॉन्च किया है. राजस्थान के पूर्व शिक्षा मंत्री वासुदेव देवनानी का कहना है कि देश की प्रगति शिक्षा पर निर्भर है और शिक्षा के लिए ठोस प्रक्रिया होनी चाहिए. प्रदेश के एजुकेशनल पोर्टल से प्रेरित शगुन पोर्टल का लॉन्च होना यह सिद्ध करता है कि भाजपा शासन में शिक्षा क्षेत्र में राजस्थान देश में पहले स्थान पर पहुंच गया था.